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नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा की नई इमारत का PM ने किया उद्घाटन, पूर्व पीएम वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण भी

छत्तीसगढ़ विधानसभा की नई इमारत अटल नगर के नवा रायपुर में बनाई गई है। इस इमारत में आधुनिकता, परंपरा का अद्भुत मिश्रण है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘ब्रह्माकुमारी’ के आध्यात्मिक शिक्षा, शांति और ध्यान के आधुनिक केंद्र ‘शांति शिखर’ का उद्घाटन किया।

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छत्तीसगढ़ की नई विधानसभा। तस्वीर-ANI

Photo : ANI

Narendra Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा की नई इमारत का उद्घाटन किया। छत्तीसगढ़ राज्य की 25वीं वर्षगांठ के मौके पर उन्होंने परिसर में निर्मित पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण किया। छत्तीसगढ़ विधानसभा की नई इमारत अटल नगर के नवा रायपुर में बनाई गई है। इस इमारत में आधुनिकता, परंपरा का अद्भुत मिश्रण है। इससे पहले प्रधानमंत्री ने ‘ब्रह्माकुमारी’ के आध्यात्मिक शिक्षा, शांति और ध्यान के आधुनिक केंद्र ‘शांति शिखर’ का उद्घाटन किया। नवा रायपुर में ब्रह्माकुमारीज के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राज्यों के विकास के माध्यम से देश का विकास हमारा मंत्र है। भारत किसी भी वैश्विक संकट के दौरान हमेशा पहले प्रतिक्रिया देने वालों के रूप में आगे आया है।

विधानसभा की इस इमारत का निर्माण ग्रीन बिल्डिंग की सोच पर हुआ है। इसे पूरी तरह से सौर ऊर्जा से चलाने की तैयारी है। यह इमारत वर्षाजनित सिंचाई व्यवस्था से भी लैस है।

दुनिया में संकट के समय भारत आगे आता है-पीएम

पीएम ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘वैश्विक शांति के मिशन में जितनी अहमियत विचारों की होती है उतनी ही बड़ी भूमिका व्यावहारिक नीतियों और प्रयासों की भी होती है। भारत इस दिशा में आज अपनी भूमिका पूरी ईमानदारी से निभाने का प्रयास कर रहा है। आज पूरी दुनिया में कहीं भी कोई भी संकट आता है, कोई आपदा आती है तो भारत एक भरोसेमंद साथी के तौर पर मदद के लिए आगे आता है और तुरंत पहुंचता है।’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आज पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियों के बीच भारत पूरे विश्व में प्रकृति संरक्षण की प्रमुख आवाज बना हुआ है। बहुत आवश्यक है कि हमें प्रकृति ने जो दिया है हम उसका संरक्षण करें, उसका संवर्धन करें और यह तभी होगा जब हम प्रकृति के साथ मिलकर जीना सीखेंगे।’

'हम नदियों को मां, जल को देवता मानते हैं'

उन्होंने कहा, ‘हमारे शास्त्रों ने प्रजापिता ने यही सिखाया है। हम नदियों को मां मानते हैं, हम जल को देवता मानते हैं, हम पौधे में परमात्मा के दर्शन करते हैं। इसी भाव से प्रकृति और उसके संसाधनों का उपयोग करते हैं। प्रकृति से केवल लेने का भाव नहीं बल्कि उसे लौटने की सोच भी होनी चाहिए, आज यही जीवन जीने का तरीका दुनिया को सुरक्षित भविष्य का भरोसा देता है।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अभी से भविष्य के प्रति अपनी इन जिम्मेदारियों को समझ भी रहा है और उन्हें निभा भी रहा है। ‘वन सन, वन वर्ड, वन ग्रिड’ जैसी भारत की पहल, ‘वन अर्थ-वन फैमिली-वन फ्यूचर’ जैसे भारत के दृष्टिकोण से आज दुनिया जुड़ रही है।

ब्रह्मकुमारीज जैसी संस्थाओं की अहम भूमिका-पीएम

उन्होंने कहा कि भारत ने भू-राजनीतिक सीमा से अलग मानव मात्र के लिए ‘मिशन लाइफ’ भी शुरू किया है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘समाज को निरंतर सशक्त करने में ब्रह्मकुमारीज जैसी संस्थाओं की अहम भूमिका है। मुझे विश्वास है शांति शिखर जैसे संस्थान भारत के प्रयासों को नयी ऊर्जा देंगे और इस संस्थान से निकली ऊर्जा देश और दुनिया के लाखों करोड़ों लोगों को विश्व शांति के विचार से जोड़ेगी।’प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की बधाई दी और कहा, ‘आज छत्तीसगढ़ अपनी स्थापना के 25 साल पूरी कर रहा है। छत्तीसगढ़ के साथ झारखंड और उत्तराखंड की स्थापना के भी 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। आज देश के और भी कई राज्य अपना स्थापना दिवस मना रहे हैं। मैं इन सभी राज्यों के निवासियों को स्थापना दिवस की बहुत-बहुत बधाई देता हूं।’

कार्यक्रम के दौरान विशिष्ट अतिथि के रूप में राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी मौजूद रहे। वहीं संस्थान की ओर से अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी जयंती दीदी और अतिरिक्त महासचिव डॉक्टर राजयोगी बीके मृत्युंजय भाई भी मौजूद थे।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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