SCO Summit : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एससीओ की वर्चुअल बैठक को संबोधित करते हुए मंगलवार को कहा कि आंतकवाद विश्व शांति के लिए खतरा है। पाकिस्तान का नाम लिए बगैर पीएम ने कहा कि कुछ देश आतंकवाद को पनाह देते हैं। ऐसे देशों का विरोध होना चाहिए। इस वर्चुअल बैठक में पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ भी मौजूद थे। पीएम मोदी आतंकवाद का समर्थन करने वाले देश पर जब हमला बोल रहे थे तो शरीफ चुपचाप सुन रहे थे। बैठक में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सहित कजाकिस्तान, किर्गिजिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के राष्ट्राध्यक्ष शामिल हुए।
'हम अपने संबंधों में नया अध्याय जोड़ रहे हैं'
इस महत्वपूर्ण आर्थिक एवं सुरक्षा समूह की बैठक में पीएम ने आगे कहा कि हम अपने संबंधों में नया अध्याय जोड़ रहे हैं। इस संगठन का जोर दुनिया में शांति, समृद्धि और विकास पर होना चाहिए। हमारा सिद्धांत पूरे विश्व को एक परिवार मानने का है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम इस क्षेत्र को एक परिवार मानते हैं। बता दें कि एससीओ की अध्यक्षता भारत के पास है।
बहुपक्षीय मंच पर पहली बार दिखे पुतिन
पिछले सप्ताह निजी सेना वैग्नर ग्रुप के विद्रोह की घटना के बाद किसी बहुपक्षीय मंच पर रूसी राष्ट्रपति पुतिन की यह पहली भागीदारी होगी। वैग्नर ग्रुप का विद्रोह हालांकि अल्पाकालिक रहा था। भारत की अध्यक्षता में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की होने वाली इस शिखर बैठक में ईरान का इस समूह के नये स्थायी सदस्य में रूप में स्वागत किया जाएगा।
2005 में पर्यवेक्षक देश के तौर पर जुड़ा था भारत
भारत ने एससीओ के तहत सहयोग के पांच स्तंभों का सृजन किया है, जिसमें स्टार्टअप एवं नवाचार, पारंपरिक औषधि, डिजिटल समावेशिता, युवा सशक्तीकरण, साझी बौद्ध धरोहर शामिल हैं। भारत शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) का पूर्ण सदस्य अस्ताना शिखर सम्मेलन में वर्ष 2017 में बना था। भारत 2005 में एससीओ से पर्यवेक्षक देश के तौर पर जुड़ा था।
