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'यह इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रगति का नया द्वार है'...पीएम मोदी ने किया Delhi-Dehradun Expressway का उद्घाटन...अब 6 घंटे का सफर ढाई घंटे में

Delhi-Dehradun Expressway: यह गलियारा दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों से होकर गुजरता है और दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा का समय वर्तमान में छह घंटे से अधिक से घटकर लगभग ढाई घंटे हो जाएगा।

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पीएम मोदी ने किया दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उदघाटन

Photo : PTI

Delhi-Dehradun Economic Corridor: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे का उद्घाटन किया, जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय लगभग आधा हो जाएगा। 213 किलोमीटर लंबा, छह लेन वाला और पहुंच-नियंत्रित दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा 12,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाया गया है। यह गलियारा दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों से होकर गुजरता है और दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा का समय वर्तमान में छह घंटे से अधिक से घटकर लगभग ढाई घंटे हो जाएगा। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि यह प्रोजेक्ट भी प्रदेश की प्रगति को नई गति देगा। हम ऐसा विकसित भारत बनाने में जुटे है जहां प्रगति भी हो, प्रकृति भी हो और संस्कृति भी हो।

पीएम मोदी ने क्या-क्या कहा

उत्तराखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर 26वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। आज दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन के साथ इस प्रगति में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ी है। आपको याद होगा, बाबा केदार के दर्शन के बाद मेरे मुंह से अनायास निकला था कि इस शताब्दी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। मुझे बहुत खुशी है कि डबल इंजन सरकार की नीतियों और उत्तराखंड के लोगों के परिश्रम से यह युवा राज्य विकास के नए आयाम जोड़ रहा है।

यह प्रोजेक्ट भी प्रदेश की प्रगति को नई गति देगा। हम ऐसा विकसित भारत बनाने में जुटे है जहां प्रगति भी हो, प्रकृति भी हो और संस्कृति भी हो। आज बाबा साहेब अंबेडकर की जयंती भी है। मैं देशवासियों की ओर से बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। बीते दशक में हमारी सरकार ने जो नीतियां बनाईं, जो निर्णय लिए, वे संविधान की गरिमा को पुनः स्थापित करने वाले रहे। अनुच्छेद 370 हटने के बाद आज पूरे देश में भारत का संविधान लागू है। दर्जनों जिलों में माओवाद-नक्सलवाद खत्म हुआ है, वहां भी अब संविधान की भावना से काम हो रहा है। देश में समान नागरिक संहिता लागू हो, यह हमारे संविधान की अपेक्षा है। उत्तराखंड ने इस भावना को आगे बढ़ाकर इस देश को राह दिखाई है।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे

ये इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रगति के नए द्वार हैं, गेटवे हैं

ये इकोनॉमिक कॉरिडोर (Economic Corridor) प्रगति के नए द्वार हैं, गेटवे हैं, डोर हैं। इनसे उम्मीदों की डोर भी जुड़ी हुई है। यह सड़क के अलावा नए-नए व्यापार और कारोबार का मार्ग बनाते हैं, गोदामों और फैक्ट्रियों के लिए आधार तैयार करते हैं। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (Delhi-Dehradun Economic Corridor) से भी इस पूरे क्षेत्र का कायाकल्प होने जा रहा है। आप देख रहे हो दुनिया में कितना बड़ा संकट आया है।

महिलाओं को जो ये हक मिला है इसको लागू होने में देरी नहीं होना चाहिए। आगे जो भी चुनाव आते रहेंगे 2029 से ही ये लागू हो जाना चाहिए। ये देश की हर बहन बेटी की इच्छा है। 16 से सभी राजनीतिक दल इसे सर्वसम्मति से आगे बढ़ाएं और पूरा करें। मैंने आज महिलाओं के लिए एक पत्र लिखा है। आग्रह कर देश की माताओं और बहनों को इस कार्य में आगे आने के लिए निमंत्रित किया है, इसे वो रूर पढ़ें। आज देवभूमि से देश के सभी दलों से अपील करूंगा इसमें संशोधन का सपोर्ट करें।

पूरे क्षेत्र में व्यापार और विकास के नए रास्ते खोलेगा

दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा प्रमुख पर्यटन और आर्थिक केंद्रों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाकर और पूरे क्षेत्र में व्यापार और विकास के नए रास्ते खोलकर क्षेत्रीय आर्थिक विकास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बयान में कहा गया है, यह परियोजना प्रधानमंत्री के उस दृष्टिकोण को दर्शाती है जिसमें अगली पीढ़ी के बुनियादी ढांचे का विकास करना है जो उच्च गति कनेक्टिविटी को पर्यावरणीय स्थिरता और नागरिकों के जीवन की बेहतर गुणवत्ता के साथ जोड़ता है।

इस परियोजना के कार्यान्वयन में निर्बाध उच्च-गति कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए 10 इंटरचेंज, तीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी), चार प्रमुख पुल और 12 मार्ग-किनारे सुविधाओं का निर्माण भी शामिल है। यात्रियों के लिए सुरक्षित और अधिक कुशल यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए कॉरिडोर उन्नत यातायात प्रबंधन प्रणाली (एटीएम) से सुसज्जित है।

जैव विविधता और वन्यजीवों का भी ध्यान रखा गया

क्षेत्र की पारिस्थितिक संवेदनशीलता, समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीवों को ध्यान में रखते हुए, कॉरिडोर को मानव-वन्यजीव संघर्ष को काफी हद तक कम करने के उद्देश्य से कई विशेषताओं के साथ डिजाइन किया गया है। वन्यजीवों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए, परियोजना में कई समर्पित वन्यजीव संरक्षण सुविधाएं शामिल हैं। इनमें 12 किलोमीटर लंबा वन्यजीव एलिवेटेड कॉरिडोर शामिल है, जो एशिया के सबसे लंबे कॉरिडोर में से एक है।

370 मीटर लंबी सुरंग भी शामिल

कॉरिडोर में आठ पशु पास, 200 मीटर लंबे दो हाथी अंडरपास और मां दात काली मंदिर के पास 370 मीटर लंबी सुरंग भी शामिल है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने डॉ. बी.आर. अंबेडकर को पुष्पांजलि अर्पित की। इससे पहले, सहारनपुर में मोदी ने दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे के एलिवेटेड सेक्शन पर बने वन्यजीव गलियारे का निरीक्षण किया। उन्होंने सहारनपुर में एक रोड शो भी किया और कतार में खड़े लोगों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया।

पीएम मोदी ने देहरादून के पास स्थित मां दात काली मंदिर में भी पूजा-अर्चना की। देहरादून में भी बड़ी संख्या में लोग जमा हुए और प्रधानमंत्री के काफिले के देहरादून की सड़कों से गुजरते समय उनका हाथ हिलाकर अभिवादन किया।

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Amit Mandal
अमित कुमार मंडल author

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर... और देखें

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