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Exclusive: गिरिबाला सिंह की छत की तस्वीर आई सामने, ट्विशा के यहीं फांसी लगाने का दावा, Video

मॉडल से अभिनेत्री बनीं त्विषा शर्मा के कथित दहेज हत्या मामले में गिरफ्तार पति समर्थ सिंह को शुक्रवार देर रात जबलपुर से भोपाल लाया गया। पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा और पूछताछ के लिए उसकी न्यायिक हिरासत (रिमांड) का अनुरोध किया जाएगा।

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12 मई को ट्विशा शर्मा ने की खुदकुशी।

Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा मौत मामले में नई-नई जानकारी सामने आ रही है। अब गिरिबाला सिंह की छत की तस्वीर सामने आई है। दावा है कि इसी छत पर ट्विशा ने फांसी लगाई। इससे पहले सामने आए सीसीटीवी फुटेज में ट्विशा को सीढ़ियों से छत पर जाते हुए देखा गया। कुछ देर बाद दो-तीन लोग उसे छत से नीचे लेकर आए और उसे सीपीआर देते नजर आए। शनिवार सुबह गिरिबाला सिंह के आवास पर हलचल देखी गई। गिरिबाला के घर पर दो-तीन वकील आए और उनसे मिलने के बाद वापस चले गए। इस बीच, हाई कोर्ट का समन लेकर एक पुलिसकर्मी गिरिबाला के घर पहुंचा।

अदालत में होगी समर्थ सिंह की पेशी

मॉडल से अभिनेत्री बनीं त्विषा शर्मा के कथित दहेज हत्या मामले में गिरफ्तार पति समर्थ सिंह को शुक्रवार देर रात जबलपुर से भोपाल लाया गया। पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा और पूछताछ के लिए उसकी न्यायिक हिरासत (रिमांड) का अनुरोध किया जाएगा। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पूर्व न्यायाधीश और भोपाल उपभोक्ता अदालत की चेयरपर्सन गिरिबाला सिंह के बेटे सिंह को देर रात करीब एक बजकर 59 मिनट पर कटारा हिल्स पुलिस थाने लाया गया।

भोपाल के पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने फोन पर 'पीटीआई-भाषा’ को बताया, 'उसे आज अदालत में पेश किया जाएगा और पुलिस पूछताछ के लिए उसकी न्यायिक हिरासत का अनुरोध करेगी।’ मिसरोद के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) रजनीश कश्यप के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) के सदस्य पुलिस वाहन से सिंह तथा उसके वकील को लेकर आधी रात के बाद थाने पहुंचे।

10 दिन से फरार था समर्थ सिंह

सिंह 10 दिन से फरार था और लगातार पुलिस से बच रहा था। उसकी गिरफ्तारी की सूचना देने पर 30,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था। समर्थ सिंह को शुक्रवार को जबलपुर पुलिस ने जबलपुर जिला न्यायालय परिसर से हिरासत में लिया था, जहां वह आत्मसमर्पण के लिए पहुंचा था। इससे पहले, दिन में समर्थ सिंह ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत की अपनी याचिका वापस ले ली थी। इसके साथ ही समर्थ के पास आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।

सीबीआई को सौंपी गई है मामले की जांच

मध्यप्रदेश सरकार की ओर से मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराए जाने की सिफारिश के बारे में पूछे जाने पर कुमार ने कहा कि स्थानीय पुलिस तब तक जांच जारी रखेगी जब तक कि केंद्रीय एजेंसी औपचारिक रूप से मामले को अपने हाथ में नहीं लेती। यह पूछे जाने पर कि क्या पुलिस द्वारा अंतिम नोटिस दिए जाने के बाद गिरिबाला सिंह ने अपना बयान दर्ज कराया था, आयुक्त ने कहा कि अधिकारी शुक्रवार को जबलपुर में उच्च न्यायालय में कार्यवाही में व्यस्त थे।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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