Nagpur Violence: नागपुर हिंसा के दौरान लगाए गए कर्फ्यू को अब पूरी तरह से हटा लिया गया है। नागपुर में छह दिन पहले औरंगजेब कब्र विवाद के बाद हिंसा फैली थी, जिसके बाद कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया था, जिसे अब शांति बहाल होने पर सरकार ने हटा लिया है। नागपुर हिंसा में अबतक 112 लोगों को हिरासत में लिया गया है और हिंसा के मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
किन-किन इलाकों में लगा था कर्फ्यू
महाराष्ट्र के नागपुर में छह दिन पहले हुई हिंसा के बाद रविवार को शहर के शेष चार इलाकों से भी कर्फ्यू हटा लिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। गत 17 मार्च को हुई हिंसा के बाद कोतवाली, गणेशपेठ, तहसील, लकड़गंज, पचपावली, शांति नगर, सक्करदरा, नंदनवन, इमामबाड़ा, यशोधरा नगर और कपिल नगर पुलिस थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया था। इससे पहले 20 मार्च को नंदनवन और कपिल नगर थाना क्षेत्रों से तथा 22 मार्च को पचपावली, शांति नगर, लकड़गंज, सक्करदरा और इमामबाड़ा क्षेत्रों से कर्फ्यू हटा लिया गया था। नागपुर के पुलिस आयुक्त रविंदर सिंघल ने रविवार को दोपहर तीन बजे से शेष बचे गणेशपेठ, तहसील और यशोधरा नगर थाना क्षेत्रों से कर्फ्यू हटाने का आदेश दिया। एक अधिकारी ने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों में स्थानीय पुलिस की तैनाती के साथ गश्त जारी रहेगी।
नागपुर में क्यों भड़की थी हिंसा
नागपुर के कई हिस्सों में उस समय बड़े पैमाने पर पथराव और आगजनी की खबरें आईं, जब यह अफवाह फैली कि छत्रपति संभाजीनगर जिले में स्थित औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान एक पवित्र पुस्तक की पंक्तियां लिखी एक चादर कथित तौर पर जलाई गई।
33 पुलिसकर्मी हुए थे घायल
हिंसा में पुलिस उपायुक्त स्तर के तीन अधिकारियों समेत 33 पुलिसकर्मी घायल हो गए। हिंसा के सिलसिले में शनिवार को सात लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिससे हिरासत में लिए गए लोगों की कुल संख्या 112 हो गई।
