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संसद मे होगी वंदे मातरम पर चर्चा, 10 घंटे का समय अलॉट; PM मोदी भी होंगे शामिल

संसद के शीतकालीन सत्र में राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में विशेष चर्चा आयोजित की जाएगी। लोकसभा में यह चर्चा गुरुवार या शुक्रवार को हो सकती है, जिसके लिए 10 घंटे का समय तय किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसमें हिस्सा लेंगे। यह पहल राष्ट्रगीत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करने के उद्देश्य से की गई है। प्रस्ताव पर सहमति ऑल-पार्टी मीटिंग और दोनों सदनों की बिजनेस एडवाइजरी कमेटियों की बैठक में बनी थी।

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संसद में वंदे मातरम पर होगी चर्चा।(फोटो सोर्स: ANI)

Photo : ANI

Parliament Winter Session: राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूरे होने पर संसद के शीतकालीन सत्र में विशेष चर्चा का आयोजन किया जाएगा। लोकसभा में इसी सप्ताह गुरुवार या शुक्रवार को इसपर चर्चा होगी। जानकारी के मुताबिक, इस पर चर्चा के लिए 10 घटे का समय निर्धारित किया गया है। पीएम नरेंद्र मोदी भी चर्चा में भाग लेंगे।

एडवाइजरी कमेटी की बैठक में प्रस्ताव पर बनी थी सहमति

यह चर्चा स्वतंत्रता संग्राम के इस प्रेरक गीत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करेगी। बता दें कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा 30 नवंबर को बुलाई गई ऑल-पार्टी मीटिंग और लोकसभा व राज्यसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में इस प्रस्ताव पर सहमित बनी थी। संसद का यह शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू होकर 19 दिसंबर तक चलने वाले इस सत्र में 19 दिनों में 15 बैठकें होंगी।

जब पीएम मोदी ने बताया वंदे मातरम का अर्थ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के 150 साल पूरे होने पर आयोजित एक कार्यक्रम में वंदे मातरम का मतलब 'संकल्पों की सिद्धि' बताया था। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि 'वंदे मातरम' गुलामी के दौरान भारत की आजादी के संकल्प का उद्घोष बन गया था। गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर ने एक बार कहा था कि बंकिम चंद्र की आनंद मठ केवल उपन्यास नहीं है बल्कि एक ग्रंथ है।

आनंद मठ में वंदे मातरम की एक-एक पंक्ति और बंकिम बाबू के एक-एक शब्द और उसके हर भाव के अपने गहरे निहितार्थ थी और है। बता दें कि

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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