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ओडिशा के बालासोर में बकरीद के मौके पर दो गुटों में बवाल, पथराव के बाद भड़की हिंसा, लगाया गया कर्फ्यू

Balasore Curfew: बालासोर के भुजखिया पीर इलाके में सोमवार को मवेशियों की कुर्बानी से सड़क पर बह रहे खून को लेकर विरोध जताते हुए लोगों का एक समूह धरने पर बैठ गया। पुलिस ने बताया कि दूसरे समूह ने कथित तौर पर उन पर पथराव किया, जिसके बाद झड़प शुरू हो गई।

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बालासोर में बकरीद पर भड़की हिंसा

Photo : ANI

Balasore Curfew: ओडिशा के बालासोर में बकरीद के दिन दो गुटों के बीच हिंसक झड़प के बाद कर्फ्यू लगाया गया है। पुलिस ने बताया कि जिला प्रशासन ने शहर के कुछ संवेदनशील इलाकों में इंटरनेट सेवा भी निलंबित कर दी है और लोगों से घरों से बाहर नहीं निकलने का आग्रह किया गया है। पुलिस ने बताया कि 17 जून की मध्यरात्रि से 18 जून की मध्यरात्रि तक कर्फ्यू लगाया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को बालासोर के जिलाधिकारी आशीष ठाकरे से बात की और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए उन्हें तत्काल कदम उठाने को कहा है।

कुर्बानी को लेकर हुआ बवाल

जानकारी के मुताबिक, बालासोर के भुजखिया पीर इलाके में सोमवार को मवेशियों की कुर्बानी से सड़क पर बह रहे खून को लेकर विरोध जताते हुए लोगों का एक समूह धरने पर बैठ गया। पुलिस ने बताया कि दूसरे समूह ने कथित तौर पर उन पर पथराव किया, जिसके बाद झड़प शुरू हो गई। पुलिस ने इस मामले में अब तक 30 लोगों को गिरफ्तार किया है और ओटी रोड के सभी प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए हैं।

अधिकारियों ने डाला डेरा

बालासोर में हिंसड़ झड़प के बाद अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून- व्यवस्था) संजय कुमार बालासोर में डेरा डाले हुए हैं। पुलिस ने बालासोर में फ्लैग मार्च किया। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी व्यक्ति को अपने घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं है । न ही पैदल और न ही वाहन से जाने की अनुमति होगी। सिर्फ और सिर्फ आपात चिकित्सा सहायता के अलावा लोगों को निकलने की अनुमति नहीं है। बालासोर पुलिस अधीक्षक सागरिका नाथ ने बताया, बालासोर नगर पालिका क्षेत्र में कर्फ्यू लगाया गया है। सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान और दुकानें बंद रहेंगी।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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