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पीएम मोदी से मिलने पहुंचे अजीत डोभाल; पाकिस्तान की कायराना हरकतों का लगातार जवाब दे रहा हिंदुस्तान

India vs Pakistan: पाकिस्तान अपनी कायराना करतूतों से बाज नहीं आ रहा है। आतंक का पनाहगार मुल्क लगातार हिंदुस्तान पर हमला करने की कोशिशें कर रहा है, जिसे भारतीय सेना अपने शौर्य के दम पर नाकाम कर रही है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एनएसए अजीत डोभाल मिलने पहुंचे।

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पीएम मोदी से मिलने पहुंचे अजीत डोभाल।

भारत-पाकिस्तान संघर्ष से जुड़े अपडेट लगातार सामने आ रहे हैं। आतंकियों को पनाह देने वाले पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की जुर्रत तो देखिए, वो अपनी हद भूल गया है। हिंदुस्तान के आमजनों को निशाना बनाने कि कोशिश में वो भारी हथियारों का इस्तेमाल कर रहा है, जिसका जवाब में हिंदुस्तानी सेना लगातार उसे माकूल जवाब दे रही है। इस बीच पीएम मोदी से मिलने एनएसए अजीत डोभाल पहुंचे हैं।

अजीत डोभाल ने पीएम मोदी से की मुलाकात

शनिवार की सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल पहुंचे। इस दौरान पीएम मोदी से एनएसए डोभाल ने कई अहम अपडेट साझा किए। दोनों के बीच कई मुद्दों पर बात हुई।

पाकिस्तान में स्थित आतंकवादी ठिकाना नष्ट

सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की ओर से बिना उकसावे के की गई गोलीबारी के जवाब में जम्मू में अखनूर के सामने पाकिस्तानी सीमा क्षेत्र में स्थित एक आतंकवादी ठिकाने को 'पूरी तरह से नष्ट' कर दिया। बीएसएफ ने शनिवार को यह जानकारी दी। बीएसएफ के एक प्रवक्ता ने बताया कि यह आतंकवादी ठिकाना पाकिस्तान में सियालकोट जिले के लूनी में था।

पाकिस्तान ने शुक्रवार रात नौ बजे से जम्मू सेक्टर में बीएसएफ चौकियों पर 'बिना उकसावे' के गोलीबारी शुरू की जिसके बाद लूनी में आतंकवादी ठिकाने को नष्ट कर दिया गया। प्रवक्ता ने बताया कि बीएसएफ ने गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया जिससे अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान रेंजर्स की चौकियों और संपत्तियों को व्यापक नुकसान पहुंचा। बीएसएफ ने अखनूर क्षेत्र के सामने सियालकोट जिले के लूनी में स्थित आतंकवादी ठिकाने को पूरी तरह से नष्ट कर दिया। प्रवक्ता ने कहा, 'भारत की संप्रभुता की रक्षा का हमारा संकल्प अडिग है।'

पीएम मोदी ने शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ की बैठक

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को सुरक्षा स्थिति का जायजा लेने के लिए शीर्ष रक्षा नेतृत्व के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की थी। भारत और पाकिस्तान में बढ़ते तनाव के बीच मोदी ने भविष्य की रणनीति बनाने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल, तीनों सेनाओं के प्रमुखों और प्रमुख रक्षा अध्यक्ष के साथ बैठक की थी।

भारतीय प्रतिष्ठानों को 8 और 9 मई की मध्य रात्रि को निशाना बनाने के पाकिस्तानी प्रयासों का सशस्त्र बलों द्वारा आनुपातिक और पर्याप्त रूप से जवाब दिए जाने के साथ ही पाकिस्तान के साथ संघर्ष तीव्र हो गया है। विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि पाकिस्तान ने आठ और नौ मई की दरमियानी रात को भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के लिए देश के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया। सिंह ने बताया कि पाकिस्तान ने भारत के सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के लिए बृहस्पतिवार रात लेह से लेकर सर क्रीक तक 36 जगहों पर 300 से 400 ड्रोन भेजे। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने इन ड्रोन को मार गिराया। इससे पहले दिन में, मोदी ने तीनों सेनाओं के पूर्व प्रमुखों सहित कई पूर्व सैन्य अधिकारियों के साथ व्यापक बातचीत की और मौजूदा स्थिति पर उनकी प्रतिक्रिया ली।

पीएम मोदी ने सशस्त्र बलों के पूर्व अधिकारियों से बात की

शुक्रवार को ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पाकिस्तान के साथ चल रहे संघर्ष के बीच तीनों सेनाओं के पूर्व प्रमुखों सहित कई पूर्व सैन्य अधिकारियों के साथ व्यापक बातचीत की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इनमें सेना, वायुसेना और नौसेना के पूर्व प्रमुखों के अलावा देश की सेवा कर चुके अन्य सेवानिवृत्त अधिकारी भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि चर्चा मौजूदा स्थिति पर केंद्रित थी।

पूर्व सैनिक समुदाय ने 22 अप्रैल को पहलगाम में पड़ोसी देश से जुड़े आतंकवादियों द्वारा 26 लोगों, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे, की गोली मारकर हत्या के बाद पाकिस्तान के प्रति सरकार की सख्त प्रतिक्रिया की आमतौर पर सराहना की है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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