Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की सियासत पर इन दिनों सभी की नजरें हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के बीच हुई मुलाकात चर्चा में छाई हुई है और शनिवार को देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे को एक ही होटल में देखा गया जिसकी वजह से कयासों का बाजार भी गर्म हो गया। इन घटनाक्रमों को लेकर शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत का बयान सामने आया है।
क्या कुछ बोले संजय राउत?
संजय राउत ने फडणवीस और आदित्य की मुलाकात से जुड़ी खबरों को खारिज कर दिया। दरअसल, संजय राउत ने शनिवार शाम को बीकेसी स्थित होटल में फडणवीस और आदित्य के एक ही समय पर मौजूद होने से जुड़े सवालों का जवाब दिया।
यह घटना उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे द्वारा विधानभवन में फडणवीस से मुलाकात के कुछ दिनों बाद हुई जहां उद्धव ने हिंदी थोपने का विरोध करने वाली एक किताब सौंपी थी। राउत ने कहा कि अगर वे एक ही कमरे में हैं तो आपको (मीडिया को) क्या दिक्कत है? एक मुख्यमंत्री हैं और दूसरा विपक्ष का नेता, लेकिन ऐसी कोई मुलाकात नहीं हुई।
फडणवीस ने उद्धव को दिया था ऑफर
फडणवीस ने विपक्ष के नेता अंबादास दानवे के विदाई समारोह के मौके पर सार्वजनिक तौर पर उद्धव ठाकरे को साथ आने का न्योता दिया था। उन्होंने कहा था कि 2029 तक हमारे विपक्ष में जाने की कोई गुंजाइश नहीं है, लेकिन आप यहां आ सकते हैं और हम कुछ-न-कुछ हल निकाल सकते हैं। आइये, अलग तरह से बात करते हैं। फडणवीस के न्योता देने के एक दिन बाद दोनों नेता विधान परिषद के सभापति राम शिंदे के ऑफिस में मिले जहां दोनों के बीच लगभग 20 मिनट तक बातचीत हुई थी।
उद्धव-राज आए साथ
सनद रहे कि फडणवीस ने उद्धव ठाकरे को साथ आने का न्योता ऐसे समय पर दिया जब सार्वजनिक जीवन में दोनों भाई- उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक साथ एक मंच पर आए और दोनों के स्थानीय निकाय चुनाव साथ लड़ने की संभावना जताई जा रही है। साथ ही दोनों भाषाई विवाद का मुद्दा जोरो-शोरों से उठा रहे हैं और राज्य सरकार पर हिंदी थोपने का आरोप लगा रहे हैं।
