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NIA की बड़ी कार्रवाई, देशभर में एकसाथ कई राज्यों में छापेमारी, जैश का एक आतंकी गिरफ्तार

NIA Raids: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने टेरर फंडिंग मामले में पांच राज्यों में कई लोकेशन्स पर छापेमारी की है। इस दौरान जैश-ए-मोहम्मद के एक सदस्य को गिरफ्तार भी किया गया है।

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एनआईए की देशभर में कई जगह छापेमारी।

NIA Raids: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शनिवार को देश भर में बड़ी छापेमारी की है। एनआईए की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि आतंकी साजिश मामले में एक साथ पांच राज्यों में कई लोकेशन्स पर छापेमारी की गई। इस दौरान जैश-ए-मोहम्मद के एक सदस्य को गिरफ्तार किया गया। एनआईए द्वारा जिन परिसरों की तलाशी ली गई, वे गोलपारा (असम), औरंगाबाद (महाराष्ट्र), जालना (महाराष्ट्र), मालेगांव (महाराष्ट्र), मेरठ (उत्तर प्रदेश), सहारनपुर (उत्तर प्रदेश), दिल्ली, बारामुल्ला (जम्मू-कश्मीर), पुलवामा (जम्मू-कश्मीर) और रामबन (जम्मू-कश्मीर) में स्थित थे।

जानकारी के मुताबिक एनआईए ये कार्रवाई आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े मामलों को लेकर की जा रही है। एजेंसी ने महाराष्ट्र के मालेगांव, जालना और संभाजीनगर में शनिवार सुबह ही अपने दस्ते के साथ रेड डाली। इसके बाद मौके पर एटीएस की टीम भी पहुंची। रिपोर्ट्स के अनुसार नासिक के मालेगांव में भी एनआईए टीम पहुंची है। यहां मशारिकी स्कॉलर रोड स्थित एक होम्योपैथिक क्लिनिक में छापेमारी की जा रही है। देर रात शुरू हुई यह छापेमारी अभी भी जारी है।

एनआईए को छापेमारी के दौरान मिला संदिग्ध सामान

जांच एजेंसी ने दिल्ली के मुस्तफाबाद में भी देर रात छापेमारी की। इस कार्रवाई में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और स्थानीय पुलिस भी शामिल थी। इस दौरान कई संदिग्ध सामान मिले हैं, और एनआईए ने कुछ संदिग्धों को नोटिस भी दिया है। एक या दो लोगों को पूछताछ के लिए ले जाने की जानकारी मिली है। यह कार्रवाई रात को शुरू होकर सुबह तक चलती रही।

जम्मू-कश्मीर में भी कई जगह छापेमारी

इसके अलावा जम्मू-कश्मीर में बारामूला और अन्य क्षेत्रों में भी एजेंसी ने रेड डाली। बारामूला में मौलवी इकबाल भट के घर पर छापा मारा गया, यहां एनआईए ने सुरक्षा बलों की मदद से तलाशी की। फिलहाल, इस कार्रवाई में किसी गिरफ्तारी या महत्वपूर्ण सामान की बरामदगी की रिपोर्ट नहीं आई है, लेकिन जांच अभी जारी है। बता दें कि 1 अक्टूबर को एनआईए ने पश्चिम बंगाल के कई जिलों पर एक साथ रेड डाली थी। एनआईए टीम ने दक्षिण 24 परगना, आसनसोल, हावड़ा, नदिया और कोलकाता में 11 जगहों पर छापेमारी की थी।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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