NEET Paper 2026 Leak Case: नीटी यूजी पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की ताबड़तोड़ कार्रवाई के बीच एक और बड़ा खुलासा हुआ है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने प्रश्न पत्र तैयार करने और उसके अनुवाद की प्रक्रिया से जुड़े कई संदिग्ध नामों की एक सूची सीबीआई को सौंपी है, जो फिलहाल जांच एजेंसी के रडार पर हैं।
सूत्रों के मुताबिक, आगामी 21 जून को होने वाली नीट यूजी की दोबारा परीक्षा से पहले एनटीए अपने पेपर सेटर्स और ट्रांसलेटरों के मौजूदा पैनल में बड़ा फेरबदल कर रहा है, ताकि आने वाली परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और 'फूलप्रूफ' बनाया जा सके।
सीबीआई ने पुणे से दो लोगों को किया गिरफ्तार
जांच में सामने आया है कि इस बार पेपर लीक की शुरुआत किसी ट्रांसपोर्टेशन या परीक्षा केंद्र से नहीं, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया के सबसे पहले चरण यानी 'जहां पेपर तैयार होता है' वहीं से हुई थी। सीबीआई ने हाल ही में पुणे से दो ऐसे विशेषज्ञों को गिरफ्तार किया है जो सीधे तौर पर एनटीए के लिए पेपर तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़े हुए थे। इनमें पहले आरोपी पी. वी. कुलकर्णी (सेवानिवृत्त लेक्चरर) हैं, जिन्हें सीबीआई ने इस लीक का मुख्य 'सोर्स' बताया है।
आरोपी को लेकर हुआ बड़ा खुलासा
कुलकर्णी केमिस्ट्री का पेपर सेट करने और उसका मराठी में ट्रांसलेट करने के काम से जुड़े थे। वहीं दूसरी आरोपी मनीषा गुरुनाथ मंधारे (प्रोफेसर) हैं, जिनके पास बॉटनी और जूलॉजी सेक्शन के प्रश्नों तक पहुंच थी। एनटीए के सूत्रों के अनुसार, गोपनीयता बनाए रखने और कम से कम लोगों तक प्रश्न पत्र की पहुंच सीमित करने के लिए कभी-कभी एक ही व्यक्ति को पेपर सेट करने और उसके अनुवाद दोनों की जिम्मेदारी सौंप दी जाती थी और इसी का फायदा उठाकर आरोपियों ने गोपनीयता भंग की।पेपर बनाने वाले स्तर पर ही मिलीभगत सामने आने के बाद एनटीए ने सख्त कदम उठाते हुए उन सभी पेपर सेटर्स और ट्रांसलेटरों को प्रक्रिया से पूरी तरह बाहर करने का फैसला किया है जिन पर जरा सा भी संदेह है और 21 जून के री-टेस्ट के लिए नए और विश्वसनीय विशेषज्ञों की टीम तैनात की जा रही है।
पेपर सेट करने का क्या है प्रोटोकॉल?
गौरतलब है कि एनटीए के पास पेपर सेट करने का एक बेहद सख्त प्रोटोकॉल है, जिसके तहत विशेषज्ञों को बिना इंटरनेट और बिना किसी गैजेट के पूरी तरह सॉउंडप्रूफ कमरों में रखा जाता है, जहां पेंट्री की सुविधा भी अंदर ही होती है। इसके बावजूद इन अंदरूनी स्रोतों (Insiders) ने पूरे सिस्टम को चकमा दे दिया।
सीबीआई ने कोर्ट को बताया है कि आरोपी कुलकर्णी ने पुणे में अपने घर पर सह-आरोपियों के साथ मिलकर अप्रैल के आखिरी हफ्ते में 'विशेष कोचिंग क्लासेस' चलाई थीं, जहां छात्रों को लीक किए गए प्रश्न और उनके उत्तर रटवाए गए थे जो वास्तविक परीक्षा से हूबहू मैच कर गए। फिलहाल CBI इस पूरे रैकेट की कड़ियों को जोड़ने के लिए आरोपियों से पूछताछ कर रही है, वहीं सरकार ने NTA को मजबूत करने के लिए एजेंसी में नए जॉइंट सेक्रेटरी और जॉइंट डायरेक्टरों की नियुक्ति भी की है।
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