NISAR Satellite: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA और भारतीय स्पेस एजेंसी ISRO द्वारा बनाई जा रही सैटेलाइट NISAR को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। इसरो की ओर से कहा गया है कि NISAR 12 दिनों में पूरी पृथ्वी का मानचित्रण करेगा। यह जानकारी ऐसे समय पर सामने आई है जब नासा के एक वैज्ञानिक ने हाल ही में इसरो मुख्यालय का दौरा किया।
दरअसल, नासा जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी (जेपीएल) की निदेशक लॉरी लेशिन 15 नवंबर को इसरो मुख्यालय पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने इसरो अध्यक्ष एस. सोमनाथ के साथ एक बैठक की। जानकारी के मुताबिक दोनों के बीच नासा और इसरो के अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में भविष्य में सहयोग के अवसरों पर चर्चा हुई है।
टेक्नोलॉजी साझा करने पर हुई चर्चा
इसरो ने एक बयान में कहा कि डॉ. लॉरी लेशिन ने इसरो के यूआर राव उपग्रह केंद्र (यूआरएससी) में जेपीएल और इसरो के अधिकारियों के एक टीम के रूप में संयुक्त प्रयासों पर खुशी प्रकट की, जो नासा-इसरो सिंथेटिक एपर्चर रडार (निसार) को विकसित करने में जुटे हुए हैं। इसरो ने कहा कि लेशिन की 15 नवंबर को हुई यात्रा के दौरान निसार के प्रक्षेपण की तैयारी और तकनीकी क्षेत्रों एवं अंतरिक्ष अन्वेषण में पेशेवरों का आदान-प्रदान सहित भविष्य के सहयोग के अवसरों पर भी चर्चा की गई।
2024 की शुरुआत में हो सकती है लॉन्चिंग
इसरो सूत्रों ने कहा कि निसार एक पृथ्वी की निचली कक्षा (एलईओ) वाला वेधशाला है जिसे ‘अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन’ (नासा) और इसरो संयुक्त रूप से विकसित कर रहा है। निसार का 2024 की पहली तिमाही में श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपण किये जाने की उम्मीद है। इसरो के अनुसार, ''निसार 12 दिनों में पूरी पृथ्वी का मानचित्रण करेगा और इसकी पारिस्थितिकी, ग्लेशियर के द्रव्यमान, वनस्पति जैव भार (बायोमास), समुद्र के जलस्तर में वृद्धि, भूजल और भूकंप, सुनामी, ज्वालामुखी एवं भूस्खलन सहित प्राकृतिक आपदाओं के खतरों में परिवर्तन को समझने के लिए स्थानिक डेटा प्रदान करेगा।
(नोट- भाषा एजेंसी इनपुट)
