Mukhtar Ansari News Today: 2007 में कायम गैंगस्टर एक्ट के तहत केस में गाजीपुर(ghazipur news) की स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट(mp mla court) ने फैसला सुना दिया है। अदालत ने मुख्तार अंसारी(news mukhtar ansari) को 10 साल की जेल और पांच लाख का जुर्माना लगाया है। 2007 में दर्ज केस के लिए कृष्णानंद राय मर्डर केस और नंद किशोर रुंगटा अपहरण कांड को आधार बनाया गया था। मुख्तार अंसारी(mukhtar ansari news today) वीडियो काफ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए जबकि उनके भाई अफजाल अंसारी(mukhtar ansari brother ) अदालत में मौजूद रहे। इस फैसले से पहले बीजेपी विधायक रहे कृष्णानंद राय की पत्नी अलका राय ने कहा था कि उन्हें उम्मीद थी कि न्याय होगा। आज के फैसले ने उनके विश्वास को पक्का किया है देर भले ही हो लेकिन अन्याय का अंत जरूर होता है। बता दें कि पुलिस ने कृष्णानंद राय ( krishnanand rai )और नंदकिशोर रुंगटा केस को आधार बनाकर 2007 में केस दर्ज किया था।
'अदालत के फैसले पर खुशी'
अदालत के फैसले के बाद अब प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं। बीजेपी के राज्यसभा सांसद बृजलाल ने कहा कि अदालत के इस फैसले से वो बेहद खुश हैं। जो एक तिलिस्म था वो टूट गया। इस फैसले से उन परिवारों को राहत मिलेगी जिन्हें इंसाफ के लिए इंतजार करना पड़ा। यही नहीं इस फैसले के बाद अंसारी बंधुओं(India gangster) को लेकर जो खौफ था वो भी समाप्त हो जाएगा। उन्हें अदालत के फैसले पर गर्व भी है कि क्योंकि इतने बड़े दुर्दांत अपराधी को अधिकतम सचा सुनाई है जिसका वो हकदार था।
क्या है मामला?
दरअसल, मुहम्मदाबाद से विधायक कृष्णानंद राय की 29 जून 2005 को हत्या कर दी गई थी। इस हमले में उनके छह साथी भी मारे गए थे। बताते हैं कि इस हत्याकांड में 400 राउंट गोलियां चली थीं। इस हत्या का आरोप मुख्तार अंसारी पर लगा। हालांकि, अपने रसूख का इस्तेमाल करके और गवाहों को धमकाकर मुख्तार व उसके भाई अफजाल ने खुद को 2019 में अदालत से बरी करवा लिया, लेकिन दोनों के खिलाफ 2007 में गैंगेस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस केस में 2005 में कृष्णानंद राय हत्याकांडड और नंद किशोर रूंगटा अपहरण मामले को आधार बनाया गया था, जिस पर अदालत ने फैसला सुनाया है।
