Mohan Yadav's Sword Video: मध्य प्रदेश के मनोनीत मुख्यमंत्री मोहन यादव अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से आते हैं। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नजदीकी माने जाते हैं। सोमवार (11 दिसंबर, 2023) को भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद उन्होंने बताया कि नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 13 दिसंबर को होगा। हालांकि, कम ही लोग जानते हैं कि वह तलवार भांजने में भी माहिर हैं। वह यह काम दोनों हाथों से आसानी से कर लेते हैं। इस बात का खुलासा उन्हीं के एक पुराने वीडियो से हुआ, जिसमें वह तलवार के साथ करतब करते हुए नजर आए थे।
17 सेकेंड के वायरल वीडियो में वह पूरी चुस्ती और फुर्ती के साथ तलवार भांजते दिखे। वह भी तब जब उन्होंने कुर्ता पायजामा और कोटी पहन रखी थी। आम तौर इस तरह के कपड़ों में तलवारबाजी सरीखे करतब करना सबके लिए आसान बात नहीं होती है। वैसे, यह वीडियो क्लिप दिसंबर 2019 की बताई जा रही है। हालांकि, इस पर फिलहाल यादव की कोई टिप्पणी नहीं आई है।
वैसे, सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप को देखने के बाद लोगों ने भी अपनी प्रतिक्रियाएं जाहिर कीं। @vikash_Barh
ने कहा, "तलवार भी अच्छी भांज लेते हैं।" @amitdubey1236 ने कमेंट किया कि यादव हो तो मोहन यादव जैसा। अखिलेश और तेजस्वी सरीखा न हो। @SoodPrithvi के "एक्स" हैंडल से लिखा गया- राहुल गांधी से मुकाबला हो जाए।
यादव लंबे अरसे से राज्य की सियासत में सक्रिय हैं। सियासी सफर पर गौर करें तब वह साल 1982 में महाकाल की नगरी यानी उज्जैन के माधव विज्ञान महाविद्यालय के सह सचिव चुने गए थे और 1984 में छात्रसंघ के अध्यक्ष बने थे। आगे उन्होंने 1984 में एबीवीपी की उज्जैन के नगर मंत्री की कमान संभाली और 1986 में विभाग प्रमुख बने। फिर 1988 में एबीवीपी के प्रदेश मंत्री बने और राष्ट्रीय कार्यक्रम समिति सदस्य भी बने। वह 1989-90 में परिषद की प्रदेश इकाई के मंत्री बनाए गए और 1991-92 राष्ट्रीय मंत्री चुने गए।
यादव 1993 से 1995 तक आरएसएस के उज्जैन के शहर खंड कार्यवाह रहे। 1996 में खंड कार्यवाह और नगर कार्यवाह की जिम्मेदारी का भी उन्होंने निर्वहन किया। वह 1997 में भाजपा की प्रदेश समिति में सदस्य बने, जबकि 1998 में उन्हें पश्चिम रेलवे बोर्ड की सलाहकार समिति का सदस्य बनाया गया था।
वह 2004 से 2010 तक उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष भी रहे। 2011 से 2013 तक मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष रहे। यादव 2013 में पहली बार विधायक बने। पार्टी ने 2018 में फिर उन पर भरोसा जताया और वह चुनाव जीते और 2023 में एक बार फिर निर्वाचित हुए और सीएम की कुर्सी तक पहुंचे।
