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Mann Ki Baat 100 Episode: 100वें एपिसोड में पीएम मोदी करेंगे 'मन की बात', जानें कब-कहां और कैसे देखें यह प्रोग्राम

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 29, 2023, 11:14 AM IST

Mann Ki Baat 100 Episode: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम का प्रसारण 30 अप्रैल (रविवार) को सुबह 11 बजे किया जाएगा। कार्यक्रम को ऑल इंडिया रेडिया, डीडी न्यूज, और नरेंद्र मोदी मोबाइल एप पर सुन सकते हैं। हिंदी में ब्रॉडकास्ट के बाद आकाशवाणी द्वारा इस कार्यक्रम का क्षेत्रीय भाषाओं में भी प्रसारण किया जाएगा।

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मन की बात

Photo : Twitter

Mann Ki Baat 100 Episode: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो प्रोग्राम 'मन की बात' का 30 अप्रैल (रविवार) को प्रसारण होगा। यूं तो हर महीने के आखिरी रविवार को यह प्रोग्राम प्रसारित होता है, लेकिन इस बार वजह कुछ खास है। दरअसल, इस एपिसोड के साथ ही मन की बात कार्यक्रम मील का पत्थर स्थापित करेगा। रविवार को इस कार्यक्रम के 100वें एपिसोड का प्रसारण होगा।

इस खास मौके को यादगार बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी की ओर से खास तैयारियां की गई हैं। प्रत्येक विधानसभा में तकरीबन 100 स्थानों पर इस प्रोग्राम को सुनने की व्यवस्था की जा रही है। पार्टी का उद्देश्य 100वें एपिसोड को अभूतपूर्व जनसंपर्क कार्यक्रम बनाने का है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा खुद इस 100 वें एपिसोड को ऐतिहासिक बनाने की बागडोर संभाले हुए हैं।

2014 में हुई थी शुरुआत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम की शुरुआत 2014 में हुई थी। सरकार बनाने के बाद पीएम मोदी ने इस आकाशवाणी पर इस कार्यक्रम की शुरुआत की थी। कार्यक्रम के जरिए प्रधानमंत्री मोदी देश के कोने-कोने में बेहतरीन काम कर रहे लोगों के बारे में चर्चा करते हैं। इसी के साथ ही वह हर कार्यक्रम से पहले लोगों से सुझाव भी मांगते हैं। पीएए मोदी ने खुद कहा है कि वह मन की बात के 100वें एपिसोड को लेकर बहुत उत्साहित हैं।

कब होगा प्रसारण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम का प्रसारण 30 अप्रैल (रविवार) को सुबह 11 बजे किया जाएगा। आम तौर पर भी इस कार्यक्रम का प्रसारण हर महीने के आखिरी रविवार को सुबह 11 बजे होता है। इस दौरान प्रधानमंत्री देश को लोगों से चर्चा करते हैं।

कहां और कैसे सुन सकते हैं प्रोग्राम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम को ऑल इंडिया रेडिया, डीडी न्यूज, और नरेंद्र मोदी मोबाइल एप पर सुन सकते हैं। हिंदी में ब्रॉडकास्ट के बाद आकाशवाणी द्वारा इस कार्यक्रम का क्षेत्रीय भाषाओं में भी प्रसारण किया जाएगा। इसके अलावा आप मन की बात के ट्विटर हैंडल पर भी कार्यक्रम से जुड़े अपडेट्स देख सकते हैं।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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