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Manipur viral video: महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाने के मामले में पुलिस को मिला अहम सुराग, बरामद किया वीडियो रिकॉर्डिंग वाला फोन

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jul 24, 2023, 09:52 AM IST

Manipur Viral video: सेल फोन की बरामदगी को पुलिस अहम सबूत मानकर चल रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बरामद किए गए सेल फज्ञेन को साइबर सेल और फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। उन्होंने दावा किया कि जिस फोन को बरामद किया गया है, उसी से वीडियो रिकॉर्ड किया गया था।

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मणिपुर हिंसा

Photo : BCCL

Manipur Viral video: मणिपुर में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। यहां रह-रहकर दो समुदायों के बीच झड़प और हिंसा की खबरें सामने आ रही हैं। हालात बेकाबू होते जा रहे हैं और बीते दिनों यहां महिलाओं को निर्वस्त्र घर घुमाए जाने का वीडियो सामने आने के बाद सड़क से लेकर संसद तक संग्राम जारी है।

इस बीच मणिपुर पुलिस को इस मामले में एक अहम सुराग मिला है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने इस घटना में अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। छठे आरोपी के पास से पुलिस को एक सेल फोन बरामद हुआ है। पुलिस का दावा है कि यह वही फोन है, जिसका इस्तेमाल महिलाओ के साथ हुई दरिंदगी का वीडियो रिकॉर्ड किया गया था। हालांकि, पुलिस ने अभी तक उस व्यक्ति की पहचान उजागर नहीं की है, जिसने वीडियो रिकॉर्ड किया था।

अहम सबूत मान रही पुलिस

पूरे मामले में सेल फोन की बरामदगी को पुलिस अहम सबूत मानकर चल रही है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्ताार किए गए आरोपियों को 11 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। जबकि, अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी चल रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बरामद किए गए सेल फज्ञेन को साइबर सेल और फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। उन्होंने दावा किया कि जिस फोन को बरामद किया गया है, उसी से वीडियो रिकॉर्ड किया गया था।

तीन महिलाओं के साथ की गई थी दरिंदगी

बता दें, मणिपुर में वायरल हुआ वीडियो बीते, 4 मई का था। जानकारी के मुताबिक, भीड़ ने दो पुरुषों की हत्या कर दी थी, इसके बाद तीन महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाया गया था। इसमें एक सेना के जवान की पत्नी थी शामिल थी।

संसद में चर्चा की मांग

मणिपुर के वायरल वीडियो पर सड़क से लेकर संसद तक संग्राम मचा हुआ है। वीडियो वायरल होने के बाद विपक्षी दल सरकार पर लगातार हमलावर हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साध रहे हैं। विपक्षी दलों की मांग है कि संसद में मणिपुर हिंसा पर चर्चा की जाए और प्रधानमंत्री इस पर जवाब दें।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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