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मैत्रेयी पुष्पा को दिया गया इफको साहित्य सम्मान 2025, अंकिता जैन इफको युवा साहित्य सम्मान से सम्मानित

वर्ष 2011 में इफको द्वारा शुरू किया गया यह सम्मान प्रत्येक वर्ष ऐसे हिन्दी लेखक को दिया जाता है जिसकी रचनाओं में मुख्यतः ग्रामीण व कृषि जीवन का चित्रण किया गया हो। इससे पहले यह सम्मान विद्यासागर नौटियाल, शेखर जोशी, संजीव, मिथिलेश्वर, अष्टभुजा शुक्ल, कमलाकांत त्रिपाठी, रामदेव धुरंधर, रामधारी सिंह दिवाकर, महेश कटारे, रणेंद्र, शिवमूर्ति, जयनंदन, मधु कांकरिया और चंद्रकिशोर जायसवाल को प्रदान किया गया है।

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मैत्रेई पुष्पा और अंकिता जैन को इफको साहित्य सम्मान से नवाजा गया

उर्वरक क्षेत्र की अग्रणी सहकारी संस्था इंडियन फॉर्मर्स फर्टिलाइजर कोआपरेटिव लिमिटेड (IFFCO) द्वारा वर्ष 2025 के ‘इफको साहित्य सम्मान’ के लिए कथाकार मैत्रेयी पुष्पा और ‘ओह रे! किसान पुस्तक के लिए ‘इफको युवा साहित्य सम्मान 2025’ हेतु अंकिता जैन के नाम की घोषणा की गई है। रचनाकारों का चयन वरिष्ठ साहित्यकार चंद्रकांता की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने किया है। इस वर्ष की सम्‍मान चयन समिति में नासिरा शर्मा, अनंत विजय, यतीन्‍द्र मिश्र, उत्‍कर्ष शुक्‍ल व डॉ. नलिन विकास शामिल थे।

मैत्रेयी पुष्पा की प्रमुख कृतियां

मैत्रेयी पुष्पा का आरंभिक जीवन जिला झांसी के खिल्ली गांव में बीता और इन्होंने बुन्देलखंड कॉलेज, झांसी से एम.ए. (हिन्दी साहित्य) की शिक्षा ली है। इनकी प्रमुख कृतियां हैं ‘चिन्हार’, ‘गोमा हंसती है’, ‘ललमनियां और अन्य कहानियां’, ‘छांह’ ‘पियरी का सपना’, ‘10 प्रतिनिधि कहानियां’, ‘समग्र कहानियां’ (कहानी-संग्रह); ‘स्मृतिदंश’, ‘बेतवा बहती रही’, ‘इदन्नमम’, ‘चाक’, ‘झूला नट’, ‘अल्मा कबूतरी’, ‘अगनपाखी’, ‘विजन’, ‘कही ईसुरी फाग’, ‘त्रिया हठ’, ‘गुनाह-बेगुनाह’, ‘फरिश्ते निकले’ (उपन्यास); ‘कस्तूरी कुंडल बसै’, ‘गुड़िया भीतर गुड़िया’ (आत्मकथा); ‘खुली खिड़कियाँ’, ‘सुनो मालिक सुनो’, ‘चर्चा हमारा’, ‘आवाज’, ‘तब्दील निगाहें’ (स्त्री-विमर्श); ‘मंद्राकांता’ (नाटक); ‘लकीरें’ (काव्य संग्रह); ‘वह सफर था कि मुकाम था’ (संस्मरण); ‘फाइटर की डायरी’ (रिपोर्ताज)।

‘फैसला’ कहानी पर टेलीफ़ि‍ल्म 'वसुमती की चिट्ठी’ और ‘इदन्नमम’ पर 'मंदा हर युग में’ धारावाहिक का प्रसारण हो चुका है। मैत्रेई पुष्पा को ‘सार्क लिट्रेरी अवार्ड’, 'द हंगर प्रोजेक्ट’ (पंचायती राज) का ‘सरोजिनी नायडू पुरस्कार’, ‘मंगला प्रसाद पारितोषिक’, ‘प्रेमचन्द सम्मान’, हिन्दी अकादमी का ‘साहित्यकार सम्मान’, मध्य प्रदेश साहित्य परिषद का ‘वीरसिंह जूदेव पुरस्कार’, ‘कथाक्रम सम्मान’, ‘शाश्वती सम्मान’ एवं उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान का ‘महात्मा गांधी सम्मान’ आदि से सम्मानित किया जा चुका है।

अंकिता जैन की उपलब्धियां

वहीं, अंकिता जैन एक रिसर्च एसोसिएट और असिस्टेंट प्रोफेसर से लेखक बनीं जिनकी पहली किताब "ऐसी वैसी औरत" जागरण-नीलसन बेस्ट सेलर रह चुकी है। इनकी अन्य पुस्तकें "मैं से मां तक", "बहेलिए", एवं "ओ रे! किसान", उपन्यास 'मुहल्ला सलीमबाग़' एवं बाल उपन्यास "आतंकी मोर" को भी सराहा गया है। अंकिता ने प्रभात खबर और द लल्लनटॉप में लोकप्रिय कॉलम "मा-इन-मेकिंग" लेख लिखे हैं। एनबीटीगोल्ड, इंडिया टुडे, अहा जिंदगी, आईचौक में लेख लिखने के अलावा और पत्रिका अखबार में संपादकीय लिख चुकी हैं। उनकी कहानियां बिग एफएम के शो "यादों का इडियट बॉक्स" और "यूपी की कहानी" में दो वर्षों तक प्रसारित हुईं।

2011 में इफको द्वारा शुरू किया गया

वर्ष 2011 में इफको द्वारा शुरू किया गया यह सम्मान प्रत्येक वर्ष ऐसे हिन्दी लेखक को दिया जाता है जिसकी रचनाओं में मुख्यतः ग्रामीण व कृषि जीवन का चित्रण किया गया हो। इससे पहले यह सम्मान विद्यासागर नौटियाल, शेखर जोशी, संजीव, मिथिलेश्वर, अष्टभुजा शुक्ल, कमलाकांत त्रिपाठी, रामदेव धुरंधर, रामधारी सिंह दिवाकर, महेश कटारे, रणेंद्र, शिवमूर्ति, जयनंदन, मधु कांकरिया और चंद्रकिशोर जायसवाल को प्रदान किया गया है। इस पुरस्कार के अन्तर्गत सम्मानित साहित्यकार को एक प्रतीक चिह्न, प्रशस्ति पत्र तथा ग्यारह लाख रुपये की राशि का चैक प्रदान किया जाता है। ‘इफको युवा साहित्य सम्मान’ के अंतर्गत सम्मानित साहित्यकार को एक प्रतीक चिह्न, प्रशस्ति-पत्र और ढाई लाख रुपये का चैक प्रदान किया जाएगा। मैत्रेयी पुष्पा एवं अंकिता जैन को यह सम्मान 30 दिसंबर, 2025 को नई दिल्‍ली में आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किया जाएगा।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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