Maharashtra Local Body Polls 2025: महाराष्ट्र में आज बहुप्रतीक्षित स्थानीय निकाय चुनावों का पहला चरण हो रहा है। 264 नगर परिषदों और नगर पंचायतों के लिए मतदान जारी है। विधानसभा चुनावों के एक साल बाद यह चुनावी जंग दोस्ताना मुकाबलों, गठबंधन में तनाव और कानूनी पेचीदगियों के बीच हो रही है। बहुस्तरीय ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के पहले चरण में लगभग एक करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के पात्र हैं। ये चुनाव 31 जनवरी तक संपन्न होने हैं।
6042 सीटों और 264 परिषद अध्यक्षों के पदों के लिए मतदान
ईवीएम के माध्यम से मतदान सुबह 7:30 बजे शुरू हो गया है और शाम 5:30 बजे समाप्त होगा। मतगणना 3 दिसंबर को होगी। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के विभिन्न जिलों में होने वाले चुनावों में 6,042 सीटों और 264 परिषद अध्यक्षों के पदों के लिए मतदान होना है। यह चुनाव मुख्य रूप से सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन और विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के बीच होगा, जिसमें कुछ स्थानों पर सहयोगियों के बीच दोस्ताना मुकाबला भी होगा। 24 स्थानीय निकायों के लिए चुनाव, जो पहले 2 दिसंबर को होने थे, नामांकन पत्रों की जांच के बाद रिटर्निंग अधिकारियों के निर्णयों के खिलाफ दायर न्यायिक अपीलों के मद्देनजर 20 दिसंबर तक स्थगित कर दिए गए थे।
पहले दौर में लगभग 1 करोड़ मतदाता
महाराष्ट्र में ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के पहले दौर में लगभग 1 करोड़ मतदाता वोट डालने के पात्र हैं, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 31 जनवरी तक पूरा करने का निर्देश दिया है। मुकाबला मुख्य रूप से सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन और विपक्षी महा विकास अघाड़ी के बीच होगा, हालांकि कुछ स्थानों पर सहयोगियों के बीच मैत्रीपूर्ण मुकाबले की उम्मीद है। इस बीच, 24 स्थानीय निकायों के चुनाव, जो पहले 2 दिसंबर को होने थे, नामांकन पत्रों की जांच के बाद रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा लिए गए फैसलों के खिलाफ दायर न्यायिक अपीलों के कारण 20 दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दिए गए हैं।
कुछ सीटों पर इस वजह से स्थगित हुआ मतदान
राज्य चुनाव आयोग का शनिवार को घोषित यह निर्णय कुछ स्थानीय निकायों की चुनाव प्रक्रिया में देखी गई अनियमितताओं के मद्देनजर आया है, जिसमें नामांकन वापस लेने की समय-सीमा और चुनाव चिह्न आवंटन शामिल हैं। एसईसी ने कहा कि कई मामलों में जिला न्यायालय द्वारा अपील के फैसले 22 नवंबर के बाद सुनाए गए, या कुछ मामलों में उम्मीदवारों को महाराष्ट्र नगर पालिका चुनाव नियम, 1966 के नियम 17(1)(बी) के अनुसार नामांकन पत्र वापस लेने के लिए तीन दिन का समय नहीं मिला।
परिणामस्वरूप, इन मामलों में रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा 26 नवंबर या उसके बाद चुनाव चिह्न आवंटित करने की बाद की कार्रवाई को अवैध माना गया। इसलिए, एसईसी ने ऐसे प्रभावित नगर निकायों में वर्तमान चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। सदस्य सीटों के लिए यह रोक सिर्फ उस विशिष्ट सीट पर लागू होती है जिसके लिए अपील दायर की गई थी। राज्य चुनाव आयोग ने कहा कि नया कार्यक्रम उन सीटों और अध्यक्ष पदों पर लागू होता है जहां अदालतों द्वारा 23 नवंबर या उसके बाद अपील का फैसला सुनाया गया था।
मतगणना तीन को नहीं, बल्कि 21 दिसंबर को होगी: उच्च न्यायालय
मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ ने महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) को स्थानीय निकाय चुनावों की मतगणना तीन दिसंबर के बजाय 21 दिसंबर को कराने का मंगलवार को निर्देश दिया। उच्च न्यायालय का यह आदेश ऐसे दिन आया है जब महाराष्ट्र में 264 नगर परिषदों और नगर पंचायतों के लिए मंगलवार को मतदान प्रक्रिया जारी है। इससे कुछ दिन पहले एसईसी ने कुछ स्थानीय निकायों के लिए चुनाव की तिथि पुननिर्धारित करते हुए20 दिसंबर तय की थी। उच्च न्यायालय ने एसईसी के निर्णय को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह भी निर्देश दिया कि 20 दिसंबर तक ‘एग्जिट पोल’ के परिणामों की घोषणा नहीं की जानी चाहिए। याचिकाकर्ताओं में से एक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता फिरदौस मिर्जा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उच्च न्यायालय ने स्थानीय निकाय चुनावों की मतगणना 21 दिसंबर के लिए स्थगित कर दी है।
