Akshay Shinde Encounter: बदलापुर यौन उत्पीड़न के आरेापी अक्षय शिंदे के एनकाउंटर पर हाईकोर्ट ने सवाल खड़े किए हैं। अक्षय शिंदे की एनकाउंटर की थ्योरी पर हाईकोर्ट ने पुलिस पर शक जाहिर किया है। इसके साथ ही आरोपी अक्षय शिंदे को जेल से बाहर निकालने से लेकर मौत तक की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा है कि यह समझना मुश्किल है कि आरोपी चार-चार पुलिस कर्मियों पर हावी हो गया और उसका एनकाउंटर करना पड़ा। इसके साथ ही अदालत ने राज्य सरकार को फॉरेंसिक लैब की सीलबंद रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया है। मामले की सुनवाई अब 3 अक्टूबर को होगी।
दअरसल, अक्षय शिंदे मामले में आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने आरोपी शिंदे को अस्पताल देर से पहुंचाने पर भी सवाल खड़े किए। अदालत ने पूछा कि घटना के कितने देर बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया? क्या घटनास्थल के आसपास कोई अस्पताल मौजूद नहीं था। बता दें, 23 सितंबर की शाम 7:52 बजे डॉक्टरों ने आरोपी अक्षय शिंदे को मृत घोषित कर दिया। इस मामले में 24 सितंबर की सुबह 4:56 बजे केस दर्ज किया गया और रात आठ बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था।
आरोपी ने की तीन राउंड फायरिंग
अदालत में सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने कहा कि आरोपी अक्षय शिंदे ने अचानक पुलिस अधिकारी की कमर में लगी पिस्तौल निकाली और तीन राउंड फायरिंग की। इस पर अदालत ने सवाल किया कि घटना के वक्त गाड़ी में चार पुलिस अधिकारी मौजूद थे, जो पूरी तरह से प्रशिक्षित थे। इनमें एक एनकाउंटर स्पेशलिस्ट भी था। क्या आरोपी इन सब पर हावी हो सकता है और पिस्तौल छीन सकता है? इसे समझना थोड़ा मुश्किल लग रहा है। अदालत ने आदेश दिया है कि आरोपी के अपने बैरक से बाहर आने, वाहन में बैठने, अदालत जाने और शिवाजी लाने तक का सीसीटीवी सुरक्षित रखा जाए।
ज्यादा खून बहने से हुई आरोपी की मौत
आरोपी अक्षय शिंदे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी सामने आई है। इसमें खुलासा हुआ है कि अक्षय शिंदे के सिर में गोली लगी थी और ज्यादा खून बहने की वजह से उसकी मौत हो गई थी। अस्पताल सूत्रों का कहना है कि अक्षय शिंदे की मौत ब्लीडिंग का बड़ा कारण ज्यादा खून बहना था। बता दें, चर्चित बदलापुर यौन शोषण केस के आरोपी अक्षय शिंद को पुलिस ने सोमवार को एनकाउंटर में मार गिराया था।
