नीट पेपर लीक के विरोध में महाराष्ट्र में हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों और युवाओं को महाराष्ट्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। उन्होंने महाराष्ट्र में स्टूडेंट प्रोटेस्ट में शामिल लोगों पर दर्ज केस वापस लेने के आदेश दे दिए हैं। इस बाबत महाराष्ट्र गृह मंत्रालय को भी निर्देशित कर दिया गया है।
गृह विभाग के सूत्रों के अनुसार,महाराष्ट्र में छात्र आंदोलनों के दौरान दर्ज अधिकांश मामले मामूली उल्लंघनों से जुड़े हैं। राज्य में अन्य राज्यों की तुलना में अपेक्षाकृत कम मामले दर्ज हुए और किसी भी छात्र पर गंभीर आपराधिक आरोप नहीं लगाए गए हैं। ऐसे में सरकार इन मामलों को वापस लेने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है,जब केंद्र सरकार ने नीट आंदोलन के प्रतिनिधियों के साथ हुई सहमति के तहत प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने का आश्वासन दिया है। इसी क्रम में अब महाराष्ट्र सरकार ने भी राज्य स्तर पर कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया है।
बिहार में भी वापस लिए गए छात्रों पर दर्ज मुकदमें
राजनीतिक तौर पर भी इस फैसले को अहम माना जा रहा है। हाल के दिनों में बिहार और असम में भी छात्र आंदोलनों से जुड़े मामलों को वापस लेने की घोषणा की गई थी। अब महाराष्ट्र सरकार के इस कदम को उसी कड़ी में देखा जा रहा है।
