Madhya Pradesh Politics: साल 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने एक खास पैंतरा अपनाया है। पार्टी की यह सियासी चाल पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के दौरान और बाद भी देखने को मिली। ऐसे में सियासी गलियारों में कयास लगाए जाने लगे कि क्या राजनीतिक भूल-भुलैया में सबको चौंका देने से जुड़े इस दांव का असर मध्य प्रदेश के मंत्रिमंडल में भी देखने को मिलेगा? आइए, जानते हैं:
दरअसल, म.प्र में बीजेपी ने शिवराज सिंह चौहान की जगह पर डॉ. मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाया, जिसकी किसी को रत्ती भर भी भनक न थी। ऐसे में आसार जताए गए कि सूबे के मंत्रिमंडल में भी ऐसे नाम आएंगे, जिन्हें सुनकर सियासी पंडित चौंक जाएंगे। भगवा दल के पास प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों में से 163 हैं। यही वजह है कि बीजेपी बगैर किसी दबाव के बड़े फैसले लेने के लिए स्वतंत्र है। यह बात मुख्यमंत्री के चयन में भी नजर आई है।
बीजेपी मंत्रिमंडल के गठन को लेकर फिलहाल विचार मंथन जारी है। मंत्रियों की सूची पर अंतिम मुहर राष्ट्रीय नेतृत्व की ही लगेगी। यह भी पार्टी के अंदर से दावे किए जा रहे हैं। सूत्रों के हवाले से बताया गया कि राज्य का मंत्रिमंडल जातिगत और क्षेत्रीय आधार पर संतुलित होगा, साथ ही नए चेहरों को मौका ज्यादा दिया जा सकता है। यह लोग कौन होंगे, इसका कयास कोई नहीं लगा पा रहा है।
वैसे, उसके पीछे कारण भी हैं क्योंकि बीजेपी इन दोनों चौंकाने वाले दौर से गुजर रही है। इसी के आधार पर यह माना जा रहा है कि नए मंत्रिमंडल में युवाओं के साथ कई चौंकाने वाले नाम होंगे और ऐसे लोग भी मंत्रिमंडल में नहीं होंगे, जिनको लेकर आमतौर पर यह मानकर चला जाता है कि वे तो मंत्री बनेंगे ही।
बीजेपी के चौंकाने वाले पैंतरे से जुड़ी ये हैं बड़ी बातें:
- बीजेपी ने इस बार कई बुजुर्गों और सत्ता के धुरंधर किनारे लगा दिए
- नए चेहरों को शासन की बागडोर सौंप दी गई
- कहा जा रहा है कि अब कोई भी सीएम बन सकता है
- तीनों सूबों में एक खास फॉर्म्यूला अपनाया गया...सबकी (विष्णु, मोहन और भजन की) उम्र 60 के अंदर है
- ये तीनों दिग्गज राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के बैकग्राउंड से हैं।
