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मैक्रों ने की भारत के UPI की तारीफ, इंडिया AI समिट में कहा-एआई इनोवेशन में भारत-फ्रांस एक साथ

समिट को संबोधित करते हुए मैक्रों ने कहा कि भारत ने कुछ ऐसा बनाया जिसे दुनिया में कोई नहीं बना सका। भारत ने अपने 1.4 अरब लोगों के लिए एक डिजिटल पहचान बनाया। एक ऐसी भुगतान व्यवस्था जिसमें प्रत्येक महीने 20 अरब ज्यादा लेन-देन होते हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा कि एआई के इनोवेशन में भारत और फ्रांस एक साथ हैं। हम इस नई क्रांति में विश्वास करते हैं।

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इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में फ्रांस के राष्ट्रपति।

Photo : ANI

India AI Impact Summit 2026 : इंडिया इम्पैक्ट समिट 2026 में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रो ने भारत के UPI की जमकर तारीफ की है। समिट को संबोधित करते हुए मैक्रों ने कहा कि भारत ने कुछ ऐसा बनाया जिसे दुनिया में कोई नहीं बना सका। भारत ने अपने 1.4 अरब लोगों के लिए एक डिजिटल पहचान बनाया। एक ऐसी भुगतान व्यवस्था जिसमें प्रत्येक महीने 20 अरब ज्यादा लेन-देन होते हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा कि एआई के इनोवेशन में भारत और फ्रांस एक साथ हैं। हम इस नई क्रांति में विश्वास करते हैं।

फ्रांस के राष्ट्रपति ने की UPI की तारीफ

समिट को संबोधित करते हुए मैक्रों ने कहा-'भारत ने कुछ ऐसा बनाया है जिसे दुनिया का कोई देश नहीं बना सका। भारत ने अपने 1.4 अरब लोगों के लिए एक डिजिटल पहचान बनाई। एक ऐसा पेमेंट सिस्टम जिसमें हर महीने 20 अरब लेन-देन होता है। एक ऐसी स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा जिसमें 50 करोड़ लोगों की डिजिटल हेल्थ आईडी बनाई गई। इसके परिणाम सामने आए हैं।'

एआई इनोवेशन में भारत-फ्रांस एक साथ-मैक्रों

फ्रांस के राष्ट्रपति ने अपने संबोधन की शुरुआत नमस्ते से की। उन्होंने कहा, 'नमस्ते! इस शानदार शहर में हमारा स्वागत करने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। 2024 के एआई सम्मेलन के बाद यहां दोबारा वापस आकर मैं काफी अच्छा महसूस कर रहा हू।'मैक्रों ने कहा कि-हम इस नई क्रांति में विश्वास करते हैं। AI एक बड़ा फील्ड बन गया है और इस एआई इनोवेशन में भारत-फ्रांस एक साथ हैं।

AI तक पहुंच सुनिश्चित करना बेहद महत्वपूर्ण -मैक्रों

फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा, 'इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य केवल यह कहना नहीं था कि हमें और अधिक करना है, बल्कि यह कहना था कि हमें साथ मिलकर बेहतर करना है। एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) उत्पादकता को तेजी से बढ़ाने वाला एक शक्तिशाली साधन हो सकता है और श्रम बाजार में बड़ा बदलाव ला सकता है। इसलिए सभी के लिए एआई तक पहुंच सुनिश्चित करना बेहद महत्वपूर्ण है। फ्रांस और भारत की एक साझा सोच है—एक संप्रभु एआई, जो हमारे ग्रह की रक्षा करे और सबके लिए समृद्धि को बढ़ावा दे। पिछले वर्ष पेरिस में हमने इसे ‘एक्शन’ कहा था। इस वर्ष दिल्ली में हम इसे ‘इम्पैक्ट’ कह रहे हैं। लेकिन इसका असली नाम और भी सरल है—‘एआई टुगेदर’। आने वाले महीनों में एआई और डिजिटलीकरण एक प्रमुख विषय रहेगा।'

'AI के क्षेत्र में भारत-फ्रांस मिलकर काम करेंगे'

उन्होंने आगे कहा, 'मैंने मुंबई के एक स्ट्रीट वेंडर की कहानी से शुरुआत की। दस साल पहले दुनिया ने कहा था कि 1.4 अरब लोगों को डिजिटल अर्थव्यवस्था में शामिल नहीं किया जा सकता। भारत ने यह साबित कर दिया कि वे गलत थे। आज कुछ लोग कहते हैं कि एआई केवल बड़े देशों का खेल है। लेकिन भारत, फ्रांस, यूरोप और हमारे साझेदार—वे कंपनियां, सरकारें और निवेशक जो हमारे दृष्टिकोण में विश्वास रखते हैं—एक अलग रास्ता अपना सकते हैं। एआई का भविष्य वे लोग बनाएंगे जो नवाचार और जिम्मेदारी, तकनीक और मानवता का संतुलन साधेंगे। भारत और फ्रांस मिलकर इस भविष्य को आकार देने में मदद करेंगे।'

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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