Vishwas Kumar Ramesh: एयर इंडिया विमान हादसे में चमत्कारिक रूप से जीवित बचे विश्वास कुमार रमेश को इलाज के बाद अहमदाबाद सिविल अस्पताल से छुट्टी दे दी गR और उन्होंने बाद में अपने भाई के अंतिम संस्कार में भाग लिया जो उसी विमान में उनके साथ यात्रा कर रहा था। भाई की अंतिम यात्रा के दौरान रमेश फूट-फूट कर रो पड़े। उनसे साथ मौजूद लोगों ने उन्हें संभाला। इस दौरान विश्वास रमेश कुमार, अपने भाई अजय रमेश की मृत्यु पर शोक जताते हुए फूट-फूटकर होए अजय उसी विमान में दूसरी सीट पर बैठकर यात्रा कर रहे थे। विश्वास रमेश कुमार दीव के मूल निवासी हैं और यू.के. में बसे हुए हैं।
दीव के रहने वाले विश्वास ने भाई की अर्थी को दिया कंधा
दीव के रहने वाले विश्वास और अजय भारत में अपने परिवार के सदस्यों के साथ कुछ समय बिताने के बाद लंदन लौट रहे थे। वीडियो में विश्वास को केंद्र शासित प्रदेश दादर और नागर हवेली व दमन और दीव के एक जिले दीव में श्मशान घाट में अपने भाई की अर्थी को कंधा देते हुए देखा जा सकता है। अजय के परिवार के सदस्यों ने बुधवार सुबह दीव में उसका अंतिम संस्कार किया और विश्वास भी वहां मौजूद थे।
अस्पताल से मिली छुट्टी
अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि ब्रिटेन के लीसेस्टर के 40 वर्षीय कारोबारी विश्वास को मंगलवार शाम को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अहमदाबाद सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने पत्रकारों को बताया कि डीएनए जांच में विश्वास के भाई अजय की पहचान होने के बाद उनका शव बुधवार तड़के परिवार को सौंप दिया गया। उन्होंने बताया, विश्वास का परिवार ब्रिटेन से पहले ही यहां पहुंच गया है। स्वस्थ होने के बाद हमने विश्वास को मंगलवार को शाम साढ़े सात बजे अस्पताल से छुट्टी दे दी और डीएनए का मिलान होने के बाद उनके भाई का शव भी परिवार को सौंप दिया गया।
पीएम मोदी ने की थी विश्वास से मुलाकात
दुर्घटना के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिविल अस्पताल में विश्वास से मुलाकात की थी और उनका हालचाल पूछा था। इससे पहले दूरदर्शन को दिए एक साक्षात्कार में विश्वास ने बताया था कि विमान की लंदन के गैटविक हवाई अड्डे तक नौ घंटे की यात्रा थी लेकिन वह अहमदाबाद से उड़ान भरने के कुछ सेकंड भीतर ही रुक गया था। विश्वास के अनुसार, उनकी सीट 11ए विमान की बाईं ओर आपातकालीन निकासी द्वार के करीब थी।
इस तरह हादसे से बच निकले रमेश
उन्होंने पत्रकारों को बताया था कि सौभाग्य से विमान का वह हिस्सा जहां मैं बैठा था, विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद छात्रावास परिसर के भूतल पर गिर गया। जब मैंने देखा कि विमान का दरवाजा टूटा हुआ है, तो मैंने खुद से कहा कि मैं कोशिश करके बाहर निकल सकता हूं। आखिरकार, मैं विमान से बाहर आ गया। दुर्घटना के तुरंत बाद एक स्थानीय व्यक्ति द्वारा बनायी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिसमें कुमार को दुर्घटना में चोटें आने के बाद एम्बुलेंस की ओर आते हुए देखा जा सकता है।
बता दें कि 12 जून को दोपहर 1.39 बजे सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद 242 लोगों को लेकर जा रहा बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान अहमदाबाद के एक मेडिकल कॉलेज परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
