देश

भारत नेहरू की गलतियों की कीमत चुका रहा है- रिजिजू ने दिया जयराम रमेश को जवाब, जानें कहां से शुरू हुआ विवाद

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 13, 2022, 12:16 PM IST

ट्विटर पर विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस के महासचिव और संचार के प्रभारी जयराम रमेश ने कश्मीर के भारत में विलय पर कई ट्वीट किए। इस ट्वीट में उन्होंने कई दावे किए, जिस पर अब किरेन रिजिजू ने पलटवार करते हुए देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू को दोषी ठहरा दिया है।

Image

किरेन रिजिजू ने जयराम रमेश को दिया जवाब

Photo : PTI
KEY HIGHLIGHTS
  • पीएम मोदी ने गुजरात दौरे के दौरान नेहरू पर साधा था निशाना
  • इसी को लेकर भड़के थे जयराम रमेश, किया था पलटवार
  • अब कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने दिया है जवाब

केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस के जयराम रमेश को कश्मीर मामले पर जवाब देते हुए कहा कि नेहरू की गलतियों का खामियाजा आज भी भारत भुगत रहा है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस ने नेहरू की संदिग्ध भूमिका की रक्षा के लिए एक 'ऐतिहासिक' झूठ को कायम रखा है।

जयराम रमेश के एक ट्वीट के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू ने कश्मीर के भारत में विलय में देरी की थी, महाराजा हरि सिंह ने नहीं। शेख अब्दुल्ला के साथ समझौते के बाद 1952 में लोकसभा में नेहरू के भाषणों के स्क्रीनशॉट साझा करते हुए रिजिजू ने ट्वीट कर कहा- "मैं जयराम रमेश के झूठ का भंडाफोड़ करने के लिए खुद नेहरू के भाषण को ही सामने रखता हूं।"

जयराम रमेश ने क्या कहा

ट्विटर पर विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस के महासचिव और संचार के प्रभारी जयराम रमेश ने कश्मीर के भारत में विलय पर कई ट्वीट किए। जयराम रमेश पीएम मोदी के उन बयानों पर निशाना साध रहे थे, जिसमें उन्होंने कश्मीर मामले के लिए परोक्ष रूप से पंडित नेहरू को घेरा था। जयराम रमेश ने कहा- "पीएम ने एक बार फ़िर वास्तविक इतिहास को छुपाया है। वह जम्मू-कश्मीर को लेकर नेहरू की आलोचना करने के लिए निम्नलिखित तथ्यों की अनदेखी करते हैं। राजमोहन गांधी ने सरदार पटेल की जो जीवनी लिखी है उसमें ये सारे तथ्य हैं। जम्मू-कश्मीर में पीएम के नए आदमी को भी ये पता है। शेख अब्दुल्ला ने नेहरू के साथ मित्रता और गांधी के प्रति सम्मान के कारण पूरी तरह से भारत में विलय का समर्थन किया। जम्मू-कश्मीर के पाकिस्तान में शामिल होने को लेकर सरदार पटेल 13 सितंबर 1947 तक सोच रहे थे कि हो जाए तो हो जाए। लेकिन जब जूनागढ़ के नवाब ने पाकिस्तान में विलय को मंजूरी दी तब उन्होंने अपना मन बदल दिया।"

पीएम ने क्या कहा था

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में एक रैली के दौरान कहा था- "सरदार वल्लभभाई पटेल ने अन्य रियासतों के विलय के मुद्दों को हल किया, लेकिन 'एक व्यक्ति' कश्मीर मुद्दे को हल नहीं कर सका।"

अब रिजिजू का जवाब

जयराम रमेश के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए, कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा- "महाराजा हरि सिंह ने पहली बार भारत में विलय के लिए नेहरू से संपर्क किया था, आजादी से एक महीने पहले जुलाई 1947 में। यह नेहरू थे जिन्होंने महाराजा को फटकार लगाई थी। अन्य राज्यों को स्वीकार कर लिया गया था। कश्मीर खारिज कर दिया गया था। नेहरू ने न केवल जुलाई 1947 में महाराजा हरि सिंह के विलय के अनुरोध को खारिज कर दिया था, बल्कि नेहरू अक्टूबर 1947 में भी टालमटोल कर रहे थे। यह तब था जब पाकिस्तानी आक्रमणकारी श्रीनगर के भीतर पहुंच गए थे। नेहरू ने कश्मीर के लिए कुछ 'विशेष' मामला गढ़ा और केवल विलय के बजाय 'बहुत अधिक' चाहते थे। वह विशेष मामला क्या था? वोट बैंक की राजनीति?"

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

और पढ़ें
End of Article