लालू यादव, बिहार की राजनीति को वो नाम जो कई दशकों से राज्य की राजनीति का केंद्र बना हुआ है। लालू सत्ता में हों या विपक्ष में उनकी रणनीति हमेशा से राजनीति गलियारों में हलचल मचाती रही है। आज करोड़ों के घोटालों में जेल जाने वाले लालू यादव के पास कभी मिट्टी का घर हुआ करता था। लालू पढ़ने में तेज थे लेकिन घर की स्थिति कुछ ठीक नहीं थी। इसके कारण जब राबड़ी देवी के साथ लालू की शादी बात चली तो राबड़ी के चाचा भड़क गए थे।
घर को लेकर भड़के थे राबड़ी के चाचा
दरअसल हुआ यूं कि जब राबड़ी देवी के पिता जब लालू यादव को देखकर घर पहुंचे और उन्होंने अपने भाई से राजद सुप्रीमो के बारे में बात की तो उन्हें ये बात नागवार गुजरी कि उनकी भतीजी को शादी के बाद मिट्टी के घर में रहना पड़ेगा। राबड़ी देवी का परिवार संपन्न परिवार था, लेकिन लालू के घर की माली स्थित उतनी अच्छी नहीं थी। ये बात खुद एक टीवी प्रोग्राम में राबड़ी देवी ने बताई थी।
लालू ने राबड़ी को देखने भेजा था अपना प्रतिनिधि
जब राबड़ी देवी से लालू यादव की शादी तय हो गई तब तक लालू अपनी होने वाली पत्नी को सामाजिक कारणों के कारण देख नहीं सके थे। उन्होंने अपने एक खास दोस्त को राबड़ी को देखने के लिए भेजा था। उसी प्रतिनिधि ने आकर लालू को बताया कि लड़की और घर परिवार दोनों अच्छा है। तब लालू शादी के लिए तैयार हुए थे।
शादी के बात फैल गई थी मौत की खबर
लालू यादव शादी के तुरंत बाद ही आंदोलन के लिए पटना पहुंच गए थे। वहां सरकार ने आंदोलनकारियों को दबाने के लिए सेना उतार दिया था, जिसमें कई लोगों को काफी चोटें आईं थी। इसी दौरान अफवाह उड़ गई कि लालू यादव की गोली लगने से मौत हो गई है। ये खबर सुनकर राबड़ी परेशान हो गई, तब लालू छिपकर उनसे मिलने पहुंचे थे। शादी के शुरूआती सालों में लालू जेल भी रहे थे।
जेल में लालू से मिलने जाते थे राबड़ी के पिता
लालू जब गिरफ्तार हुआ तो लालू यादव के लिए खाना, फल, चुड़ा दही ये सब समान लेकर उनके ससुर जाया करते थे। कभी-कभी राबड़ी देवी भी लालू यादव से मिलने के लिए जाती थीं।
