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Ladakh Statehood Protest: लद्दाख हिंसा में चार लोगों की मौत, राज्य की दर्जा मांग रहे प्रदर्शनकारी; भाजपा दफ्तर में आगजनी

लेह, लद्दाख में राज्य का दर्जा और संवैधानिक सुरक्षा की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हुई झड़पों में चार लोगों की मौत और कई घायल हुए। हिंसा में भाजपा कार्यालय और CRPF वाहन में आग लगी। जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन तोड़ते हुए युवाओं से हिंसा रोकने की अपील की। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें हैं: पूर्ण राज्य का दर्जा, 6वीं अनुसूची के तहत सुरक्षा, कारगिल-लेह अलग लोकसभा सीटें और सरकारी नौकरी में स्थानीय लोगों की भर्ती।

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लद्दाख में चार प्रदर्शनकारियों की मौत।(फोटो सोर्स: पीटीआई)

Photo : PTI

Ladakh Statehood Protest: लद्दाख के लेह शहर में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हुई भीषण झड़पों में चार लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए।

समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत करते हुए अधिकारियों ने बताया कि लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और संवैधानिक सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के साथ झड़प की। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने पुलिस पर पत्थरबाजी की। भाजपा ऑफिस और CRPF की गाड़ी में आग लगा दी, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को गोलीबारी करनी पड़ी।

हिंसा के बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा भूख हड़ताल

पिछले दो सप्ताह से जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक लद्दाख को राज्य का दर्जा देने तथा इस क्षेत्र को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर भूख हड़ताल कर रहे थे। हालांकि, हिंसा के बाद वांगचुक ने अनशन तोड़ दिया।

अनशन तोड़ते हुए उन्होंने कहा,"यह लद्दाख के लिए दुख का दिन है। हम पांच साल से शांति के रास्ते पर चल रहे थे। अनशन किया, लेह से दिल्ली तक पैदल चलकर गए। आज हम शांति के पैगाम को असफल होते हुए देख रहे हैं। हिंसा, गोलीबारी और आगजनी हो रही है। मैं लद्दाख की युवा पीढ़ी से अपील करता हूं कि इस बेवकूफी को बंद करें। हम अपना अनशन तोड़ रहे हैं, प्रदर्शन रोक रहे हैं।"

प्रदर्शनकारियों की चार प्रमुख मांग

  • लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा
    • 6वीं अनुसूची के तहत संवैधानिक सुरक्षा
    • कारगिल और लेह अलग लोकसभा सीट
    • सरकारी नौकरी में स्थानीय लोगों की भर्ती

    साल 2019 में अनुच्छेद 370 और 35A हटाते समय जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो केंद्र शासित प्रदेश बनाए गए थे। सरकार ने उस समय ही राज्य के हालात सामान्य होने पर पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने का भरोसा दिया था। बता दें कि केंद्र सरकार ने लद्दाख के लोगों की मांगों पर बातचीत फिर से शुरू करने के लिए 6 अक्टूबर को प्रतिनिधियों के साथ बैठक बुलाई है।

    Piyush Kumar
    पीयूष कुमारauthor

    पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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