के चंद्रशेखर राव ने अपनी पार्टी का नाम बदल दिया है। उन्होंने अपने दल को राष्ट्रीय स्वरूप देते हुए तेलंगाना राष्ट्र समिति में से तेलंगाना की जगह भारत नाम दिया है। यानी कि अब उनकी पार्टी का नाम भारत राष्ट्र समिति हो गया। विजयादशमी के दिन उन्होंने पार्टी के नाम में बदलाव किया। लेकिन बड़ी बात यह थी कि के कविता जो केसीआर की बेटी हैं वो उस समय मौजूद नहीं थीं जब टीआरएस की जगह बीआरएस का ऐलान किया गया। के कविता की गैरमौजूदगी को राजनीतिक हल्के में बड़ी बात कही जा रही है। क्या केसीआर के परिवार में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है।
के कविता की गैर मौजूदगी पर कयास
के कविता ना सिर्फ उस बड़े इवेंट से बाहर थीं। बल्कि मुनुगोड़ बायपोल के लिए बनाए गए इंचार्ज वाली सूची से भी उनका नाम बाहर है। अब इस तरह के कयास के पीछे वजह यह भी बनी कि जिस समय टीआरएस अपने नए अवतार में देश के सामने आ रही थी उस वक्त के कविता अपने घर दशहरा का उत्सव मना रही थीं। उन्होंने पूजा करते हुए तस्वीर भी पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा कि दशहरा के अवसर पर आयुध पूजा की। इस तरह की तस्वीर पर टीआरएस के कैडर की नजर थी। लेकिन हर किसी को हैरानी तब हुई जब उनका नाम मुनुगोड़ बायपोल के इंचार्ज वाली लिस्ट से गायब था।
मुनुगोड़ बायपोल की लिस्ट से भी नाम नदारद
3 नवंबर को होने वाले बायपोल में केसीआर के बेटे केटीआर को इंचार्ज बनाया गया है। केटीआर के साथ साथ कई सांसदों और विधायकों के नाम भी शामिल हैं जिसमें सविता इंदिरा रेड्डी, सत्यवती राठौड़, पद्म देवेंद्र रेड्डी का नाम शामिल है। लेकिन के कविता का नाम गायब है। के कविता के पक्ष को जानने की कोशिश की गई। लेकिन वो कमेंट करने से बचती रहीं।
