कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शुक्रवार को बताया कि राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) वी. अंबुकुमार ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लगाए गए चुनावी धोखाधड़ी के आरोपों की जांच के आदेश दे दिए हैं। यह कार्रवाई उस वक्त शुरू हुई जब शिवकुमार के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने सीईओ को इस मामले में ज्ञापन सौंपा।
जांच का आदेश
ज्ञापन सौंपने के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए शिवकुमार ने कहा- “मुझे यह जानकर खुशी हुई कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जांच शुरू कर दी है। हम इससे जुड़ी और भी जानकारी व दस्तावेज जुटाने के लिए एक बार फिर सीईओ कार्यालय जाएंगे।” उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी ने पहले चरण में उन विधानसभा क्षेत्रों की विस्तृत जानकारी मांगी है जहां कथित चुनावी गड़बड़ियां हुई हैं।
राहुल गांधी ने लगाए थे गंभीर आरोप
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में कर्नाटक के महादेवपुरा निर्वाचन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मतदाता सूची में गड़बड़ी और फर्जी मतदाताओं के पंजीकरण का आरोप लगाया था। उनके अनुसार, फर्जी पते, डुप्लिकेट नाम और जालसाजी के जरिए 1 लाख से अधिक वोट जोड़ दिए गए थे। इन्हीं आरोपों के मद्देनजर उपमुख्यमंत्री शिवकुमार ने सीईओ अंबुकुमार से मुलाकात की और निष्पक्ष जांच की मांग की।
भाजपा के आरोपों पर भी बोले शिवकुमार
जब भाजपा नेताओं द्वारा मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के क्षेत्र वरुणा और मंत्री बी. ज़ेड. ज़मीर अहमद खान के क्षेत्र चामराजपेट में फर्जी मतदाताओं की शिकायत की गई, तो इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवकुमार ने कहा: “निर्वाचन आयोग को निष्पक्ष रूप से सभी मामलों की जांच करनी चाहिए। अगर मेरे निर्वाचन क्षेत्र कनकपुरा में भी गड़बड़ी हुई है, तो मुझे जांच से कोई आपत्ति नहीं। जो भी दोषी हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।” उन्होंने भाजपा की आलोचनाओं को दरकिनार करते हुए कहा कि कांग्रेस न्यायपालिका और चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्थानों से निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद कर रही है।
निष्पक्ष चुनाव की दिशा में एक कदम
शिवकुमार ने दोहराया कि चुनावों की निष्पक्षता सुनिश्चित करना और मतदाता सूचियों की पारदर्शिता बनाए रखना निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि ऐसे मामलों में दलीय राजनीति से ऊपर उठकर जांच और सुधार होने चाहिए।
