Delimitation Bill: भाजपा सांसद कंगना रनौत ने गुरुवार पर महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन मामले को लेकर विपक्ष पर जमकर निशाना साधा और कहा कि परिसीमन को लेकर बहानेबाजी की जा रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष परिसीमन को लेकर बहाने बना रहे हैं। उस बात को भी पूरी तरह से खारिज कर दिया गया है। देश देख रहा है कि उनकी (विपक्ष) मंशा क्या है और बेटियों के प्रति उनकी सोच सामने आ रही है।
दक्षिणी राज्यों को मिलेंगी अधिक सीटें
भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने विपक्ष पर महिला आरक्षण कानून में संशोधन से संबंधित विधेयकों पर जनता को गुमराह करने के लिए दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया और दावा किया कि परिसीमन के बाद दक्षिणी राज्यों को अधिक सीटें मिलेंगी। उन्होंने कहा कि 2023 में जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम सर्वसम्मति से पारित किया गया था, तब सभी पार्टी सहमत थे कि यह जनगणना और परिसीमन के बाद लागू होगा। उन्होंने आरोप लगाया, ''आज विपक्ष ने यूटर्न ने ले लिया और वे इस संशोधन विधेयक का विरोध कर रहे हैं।''
राजग-विपक्ष आमने-सामने
महिला आरक्षण कानून में संशोधन और परिसीमन आयोग के गठन से जुड़े विधेयकों का समर्थन करते हुए गुरुवार को एनडीए नेताओं ने कहा कि महिलाओं को आरक्षण के लिए वर्षों से इंतजार करना पड़ा है। वहीं, विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार की कार्यप्रणाली देश के संघीय और लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर कर सकती है।
लोकसभा में चर्चा करने और पारित करने के लिए 'संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026' तथा 'परिसीमन विधेयक, 2026' और 'संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026' पेश किए गए। मसौदा संविधान संशोधन विधेयक के अनुसार, 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन के बाद, 2029 के आम चुनाव से पहले महिला आरक्षण लागू करने के लिए लोकसभा की सीटों की संख्या मौजूदा 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 तक की जा सकती है।
विधेयक पारित कराने के लिए जरूरी संख्याबल
बता दें कि लोकसभा में राजग की कुल सदस्य संख्या 292 है, जबकि प्रमुख विपक्षी दलों के पास 233 सांसद हैं। संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए सदन में उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है।
