Jharkhand Political Drama: बीते दिनों बिहार की सियासत में जबरदस्त उठापटक का दौर देखा गया। लालू यादव को नीतीश यादव ने गच्चा देकर भाजपा को गले लगा लिया। अब झारखंड में भी कांग्रेस और जेएमएम को डर सताने लगा है। कथित भूमि घोटाले में सीएम हेमंत सोरेन की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं, इस बीच वो अपने दिल्ली स्थित आवास से लापता हो गए हैं। ईडी की टीम ने उनके घर पर डेरा डाल रखा है। दावा किया जा रहा है कि मुख्यमंत्री पर शिकंजा कसने को लेकर कई दस्तावेज बरामद हुए हैं।
विधायकों को रांची में रहने का जारी हुआ फरमान
झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन के सभी विधायकों को राज्य की राजधानी रांची नहीं छोड़ने और राज्य की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर चर्चा के लिए मंगलवार को एक बैठक में भाग लेने को कहा गया है। झामुमो के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास में प्रस्तावित बैठक मौजूदा राजनीतिक स्थिति और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से प्रस्तावित पूछताछ को लेकर रणनीति पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई है।
31 जनवरी को बयान दर्ज कराएं हेमंत सोरेन
ईडी को भेजे गए ईमेल में सोरेन ने 31 जनवरी को दोपहर एक बजे अपने आवास पर अपना बयान दर्ज कराने पर सहमति जताई। झामुमो महासचिव और प्रवक्ता विनोद कुमार पांडे ने बताया कि मौजूदा राजनीतिक स्थिति को देखते हुए सत्तारूढ़ गठबंधन के सभी विधायकों को रांची में रहने का निर्देश है। झामुमो, कांग्रेस और राजद (राष्ट्रीय जनता दल) सत्तारूढ़ गठबंधन के सदस्य दल हैं।
विनोद कुमार पांडे ने कहा, 'वे भविष्य की कार्रवाई पर चर्चा करने के लिए मंगलवार को मिलेंगे।' यह पूछे जाने पर कि क्या मुख्यमंत्री रांची लौट आये हैं, पांडे ने बात टाल दी। दिल्ली में सोरेन के आवास पर ईडी की टीम के दौरे के मद्देनजर सत्तारूढ़ दल के विधायक सोमवार को देर रात तक मुख्यमंत्री के आवास पर मौजूद थे।
