देश

'बिहार में इस बार 200 से ज्यादा सीटें जीतेंगे, लोगों को भा गई है डबल इंजन की सरकार', Times Now Summit 2025 में बोले जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा

Times Now Summit 2025: बिहार में नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर जेडीयू ने बड़ा दावा किया है। जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने शुक्रवार को कहा कि इस बार के विधानसभा चुनाव में भाजपा-जेडीयू की अगुवाई वाला गठबंधन 200 से ज्यादा सीटें जीतेगा। उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों को 'डबल इंजन' की सरकार का फायदा मिल रहा है।

Image

टाइम्स नाउ समिट 2025 में जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा।

Times Now Summit 2025: बिहार में नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर जेडीयू ने बड़ा दावा किया है। जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने शुक्रवार को कहा कि इस बार के विधानसभा चुनाव में भाजपा-जेडीयू की अगुवाई वाला गठबंधन 200 से ज्यादा सीटें जीतेगा। उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों को 'डबल इंजन' की सरकार का फायदा मिल रहा है। यह बात वे समझ गए हैं। बिहार में कांग्रेस का कुछ नहीं होने वाला है। झा ने ये बातें टाइम्स नाउ समिट 2025 में टाइम्स नाउ और टाइम्स नाउ नवभारत की ग्रुप एडिटर-इन-चीफ नाविका कुमार के साथ खास बातचीत में कहीं।

वक्फ में संशोधन पहले भी हो चुका है-संजय कुमार झा

वक्फ संशोधन विधेयक पर हो रही राजनीति पर झा ने कहा कि वक्फ में संशोधन पहली बार नहीं हो रहा है। पहले भी संशोधन 2013 में हो चुका है। पटना में मुस्लिम नेताओं के साथ मीटिंग में हमने कहा कि आप अपनी चिंताएं बता दीजिए। हमने कहा कि सरकार से हम बात करेंगे। मुस्लिमों की शिकायतों को हमने सरकार के समक्ष रखा है। उम्मीद है कि उनकी बातों को विधेयक में शामिल किया जाएगा। इफ्तार पार्टी में जो लोग नहीं आए वे एक पार्टी से जुड़े हुए लोग थे। उन्होंने कहा कि 19 साल का नीतीश कुमार ट्रैक रिकॉर्ड बिल्कुल साथ सुथरा है। पुराने लोगों को ध्यान होगा कि बिहार का सबसे बड़ा दंगा भागलपुर में हुआ। मुस्लमों को इसमें न्याय नहीं मिला। नीतीश के आने पर कमीशन बैठा और आज पीड़ितों को पेंशन मिल रही है।

चिराग पासवान छोटे भाई हैं

झा ने कहा कि चिराग पासवान छोटे भाई हैं। नीतीश जी ने उनके लिए हाजीपुर में जाकर प्रचार किया। उनसे कोई मतभेद नहीं है। सीट बंटवारे पर माझी की मांग पर जेडीयू नेता ने कहा कि जब सीट का बंटवारा होगा तो सब तय हो जाएगा। बिहार की राजनीति की धुरी नीतीश कुमार हैं। बिहार में राजनीतिक लड़ाई अलग चीज है लेकिन निजी स्तर पर नेताओं में कड़वाहट नहीं है। बिहार में कांग्रेस शून्य है। बिहार ही नहीं देश में भी कांग्रेस का जीरो है। इंडिया गठबंधन का कुछ नहीं होने वाला है। हमने तो हाल देखा है। इस गठबंधन में देश को लेकर कोई गंभीर सोच नहीं है। इस गठबंधन में कुछ नहीं है। नीतीश जी कहते थे कि यदि आप किसी को चुनौती दे रहे हैं तो अपना एजेंडा और प्लान दीजिए। इंडिया का नाम भी विरोध किया था। उन्होंने कहा कि यह क्या नाम है। इनके पास देश की समझ नहीं है। बिहार अकेला राज्य है जिसने जातीय जनगणना कराकर प्रकाशित कराया। आज कांग्रेस इस पर प्रवचन दे रही है। ये सारी बातें नीतीश जी को पता चल गईं और वह उससे बाहर निकल आए। आज बिहार में डबल इंजन की सरकार है और अच्छा काम हो रहा है। बिहार में भाजपा-जेडीयू का नेचुरल अलायंस है। कर्नाटक के सरकारी ठेकों में मुस्लिमों को 4 प्रतिशत आरक्षण के सवाल पर जेडीयू नेता ने कहा कि हम संविधान के साथ हैं।

पिछले 20 सालों में बिहार के हालात बदले

बिहार में पुल ढहने, बाढ़ की समस्या पर संजय कुमार ने कहा कि बाढ़ का सारा पानी नेपाल से आता है। बांध बनाने के लिए भारत सरकार नेपाल से बात कर रही है। नीतीश से पहले सड़क, बिजली और कानून-व्यवस्था की जो हालत थी वह सभी को पता है लेकिन पिछले 20 सालों में हालात बदल गए हैं। सड़क, बिजली और कानून-व्यवस्था सुधरी है। बजट में बुनियादी सुविधाओं को बढ़ाने के लिए काफी इंतजाम किए गए हैं। कांग्रेस ने बजट को बिहार का बजट किया। दोनों बजट में बिहार के विशेष पैकेज मिला। इससे बिहार में बदलाव जल्द देखने को मिलेगा। कन्हैया कुमार के बारे में संजय कुमार ने कहा कि कुछ एनजीओ वाले मिलकर इस कांग्रेस नेता को गुमराह करते हैं। सड़क बनने से पानी की समस्या कैसे हो जाएगी?

औरंगजेब, नेजा मेला जैसे मुद्दों से बचना चाहिए

प्रशांत किशोर के बारे में जेडीयू नेता ने कहा कि 2005 में नीतीश जी ने बड़ा चुनाव जीता। 2010 में भारी जीत मिली। बिहार में तीन मुख्य खिलाड़ी राजद, जदयू और भाजपा हैं। बिहार में मुझे नहीं लगता कि पीके जो बात कहते हैं उसमें कोई सच्चाई है। बिहार के लोग यह समझ चुके हैं कि भाजपा-जेडीयू गठबंधन ही उनकी भलाई कर सकता है। बिहार में पुल जो बहे उसकी वजह नदी का रास्ता बदलना भी है। बिहार में हजारों पुल भी बने हैं। औरंगजेब, नेजा मेला जैसे मुद्दों से बचना चाहिए। देश में बहुत सारे मुद्दे हैं। देश और राज्य संविधान से चलना चाहिए। देश में धर्म के राज से हम सहमत नहीं है। सबको साथ लेकर चलना चाहिए। कोई खतरे में नहीं है। सरकार और सरकारी योजनाएं सबके लिए हैं।

लोग बाहर से बिहार लौट रहे हैं

243 में से कितनी सीटें आ रही हैं? डबल इंजन का टेस्ट कर लिया है। मखाना का बोर्ड बन रहा है। ग्रामीण इलाकों में निवेश हो रहा है। 200 से ज्यादा सीटें जीतेंगे। रिवर्स माइग्रेशन हो रहा है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

और पढ़ें
End of Article