कथावाचक जया किशोरी ने अपने महंगे और चमड़े के हैंडबैग पर मचे बवाल के बाद अब सफाई दी है। जया किशोरी ने साफ कर दिया है कि उनका हैंडबैग चमड़े का नहीं है। जया किशोरी ने कहा कि वो कोई संत या साध्वी नहीं है, वो आम लोगों जैसी है। उन्होंने कभी चमड़े के बैग का इस्तेमाल नहीं किया है और न ही भविष्य में कभी करेंगी।
बैग विवाद पर क्या बोलीं जया किशोरी
महंगे हैंडबैग को लेकर उठे विवाद पर कथावाचक जया किशोरी ने कहा कि कोई ब्रांड को देखकर उसका इस्तेमाल नहीं करता। आप कहीं जाते हैं और अगर आपको कुछ पसंद आता है तो आप उसे खरीद लेते हैं। मेरे कुछ सिद्धांत हैं, जिनमें से एक यह है कि मैं चमड़े का इस्तेमाल नहीं करती, मैंने कभी इसका इस्तेमाल नहीं किया। लेकिन अगर मुझे कुछ पसंद आता है और मैं उसे खरीद सकती हूं तो मैं उसे खरीद लेती हूं... मैं कहना चाहती हूं कि आपको कड़ी मेहनत करनी चाहिए और पैसा कमाना चाहिए ताकि आप अपने और अपने परिवार के लिए एक अच्छा आरामदायक जीवन जी सकें... यह पूरी तरह से एक कस्टमाइज्ड फैब्रिक बैग है... मैं संत नहीं हूं, मैं आपको घर के बच्चों जैसी हूं, परिवार के साथ रहती हूं, "
क्यों विवादों में फंसी जया किशोरी
दरअसल यह विवाद तब उठा, जब जया किशोरी को एक एयरपोर्ट पर उनके नाम से कस्टमाइज़ किया गया क्रिश्चियन डायर 'बुक टोट' ले जाते हुए देखा गया, जिसकी कीमत 2 लाख रुपये से अधिक है। इसका वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा और जया किशोरी की आलोचना होने लगी।
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