ITBP ascent
21 मार्च को दिल्ली से रवाना हुआ दल
यह चढ़ाई आईटीबीपी के ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही अभियान का हिस्सा थी। इस अभियान के तहत सीएपीएफ को माउंट मकालू और माउंट अन्नापूर्णा (8091 मीटर) पर चढ़ाई करनी थी। पर्वतारोहियों का यह दल 21 मार्च को आईटीबीपी मुख्यालय दिल्ली से रवाना हुआ था। दो चोटियों पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर आईटीबीपी ने अपनी काबिलियत का परिचय दिया है। उसने दिखाया है कि पर्वत की ऊंची चोटियों पर चढ़ने में उसे महारत हासिल है।
दो गुटों में बंटा 12 सदस्यीय दल
इस अभियान दल का नेतृत्व डेप्युटी कमांडेंट अनूप कुमार नेगी और सह-नेतृत्व डेप्युटी कमांडेंट निहास सुरेश ने किया। चढ़ाई शुरू करते समय 12 सदस्यीय दल छह-छह के दो गुट में बंट गया। मकालू समूह को चढ़ाई पूरी करने में 83 प्रतिशत सफलता मिली। इसके पांच पर्वतारोही 19 अप्रैल को चोटी के शीर्ष स्थल पर पहुंच गए। चोटी पर असिस्टेंट कमांडेंट संजय कुमार, हेंड कांस्टेबल सोनम स्तोबदान, एससी प्रदीप पंवार, एसची बहादुर चांद और कॉन्सटेबल विमल कुमार ने कदम रखा।
जबकि अन्नापूर्णा टीम को चोटी पर चढ़ने अत्यंत खराब मौसम का सामना करना पड़ा। दोनों टीमों की यह ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण उपलब्धि है। देश के लिए दोनों टीमों ने गौरव दिलाया है।
150 किलोग्राम नॉन-बॉयोग्रेडेबल कचरा एकत्रित किया
'क्लीन हिमालय-सेव ग्लेशियर' की भावना के तहत इस टीम ने अत्यंत ऊंचे शिविरों से 150 किलोग्राम नॉन-बॉयोग्रेडेबल कचरा एकत्रित किया। इन उपलब्धियों के साथ आईटीबीपी आठ हजार मीटर से ऊंची 14 चोटियों में से छह माउंट एवरेस्ट, माउंट कंचनजंगा, माउंट धौलगिरी, माउंट ल्होत्से, माउंट मनास्लू और अब माउंट मकालू पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर चुका है।
