Internet Services Suspended In Chhatrapati Sambhajinagar : महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन के उग्र होते स्वरूप को देखते हुए प्रशासन बेहद सतर्क है। प्रदर्शनों को देखते हुए छत्रपति संभाजीनगर जिले में ग्रामीण एवं शहरी दोनों इलाकों में गुरुवार को इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई। विरोध प्रदर्शनों की वजह से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में चुनौती मिल रही है। इसके बाद प्रशासन ने इंटरनेट सेवा बंद करने का फैसला लिया।
शुक्रवार शाम छह बजे तक इंटरनेट सेवा बंद
रिपोर्टों में अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि मराठा कोटा को लेकर जारी प्रदर्शनों के बारे में अफवाहों को रोकने के लिए छत्रपति संभाजीनगर जिले में इंटरनेट सेवा (मोबाइल और ब्राडबैंड) बंद करने का फैसला लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि इंटरनेट सेवा बुधवार शाम छह बजे से शुक्रवार शाम छह बजे तक बंद रहेगी। इंटरनेट सेवा गंगापुर, वैजापुर, खुलताबाद, फुलांबरी, सिलोड, कन्नाड, पैठण, सीगांव और छत्रपति संभाजीनगर में बंद रहेगी। जिले में बुधवार को आगजनी की कुछ घटनाएं सामने आईं। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भी उग्र एवं हिंसक प्रदर्शन हुए।
हिंसा से जुड़े अब तक 141 मामले दर्ज
महाराष्ट्र पुलिस मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा के संबंध में अब तक 141 मामले दर्ज कर चुकी है और 168 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) रजनीश सेठ ने बुधवार को यह जानकारी दी। बीड जिले में हुई हिंसा के बारे में उन्होंने बताया कि 24 से 31 अक्टूबर के बीच 20 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से सात मामले भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत दर्ज किए गए।
जरांगे ने पूछा-सरकार को समय क्यों चाहिए?
इस बीच, कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने बुधवार को महाराष्ट्र सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा कि क्या वह पूरे मराठा समुदाय को आरक्षण देने के लिए तैयार है या नहीं। साथ ही उन्होंने सरकार से पूछा कि उसे आरक्षण देने में और समय क्यों चाहिए। मराठा आरक्षण की मांग को लेकर दबाव बनाने के लिए जालना जिले के अपने पैतृक अंतरवाली सरती गांव में अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे जरांगे ने राज्य सरकार से पूछा कि मांग पूरी करने के लिए उसे कितना समय चाहिए। उन्होंने सरकार से धरना स्थल पर आकर बातचीत करने को भी कहा।
"काली दिवाली" मनाएगा मराठा संगठन
नासिक में मराठा समुदाय के एक निकाय ने महाराष्ट्र में अति पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के तहत आरक्षण मिलने तक दिवाली और अन्य आगामी त्योहार नहीं मनाने का बुधवार को फैसला किया। सकल मराठा समाज (एसएमएस) की नासिक जिला इकाई ने दीपावली को "काली दिवाली" के रूप में मनाने के लिए नासिक शहर में आयोजित एक बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया।
