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महाराष्ट्र में हार के बाद कांग्रेस की अंदरूनी कलह हुई जगजाहिर, राहुल गांधी के करीबी को भेजा कारण बताओ नोटिस

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी और विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाडी (MVA) को मिली करारी शिकस्त के बाद विपक्ष के हौसले पस्त पड़ते दिख रहे हैं। कांग्रेस का गृह युद्ध अब सबके सामने आ रहा है। एक के बाद एक कई कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी हो रहा है।

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कांग्रेस में मची अंदरूनी कलह

Internal War in Congress: कांग्रेस की अंदरूनी कलह अब जगजाहिर होती जा रही है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में करारी हार झेलने वाली कांग्रेस में गृह युद्ध छिड़ गया है। एक के बाद एक कई नेताओं के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी हो रहे हैं। पहले पार्टी उम्मीदवार को नोटिज जारी किया गया, अब राहुल गांधी के करीबी से पार्टी ने जवाब मांगा है। आपको सारा माजरा समझाते हैं।

कांग्रेस पार्टी की अंदरूनी कलह हुई जगजाहिर

नाना पटोले के करीबी नसीम खान ने राहुल गांधी के करीबी सूरज सिंह ठाकुर पर चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी काम करने के आरोप लगने के बाद पार्टी के महाराष्ट्र प्रभारी चेन्निथला ने सूरज सिंह ठाकुर को कारण बताओ नोटिस भेजा। सूरज सिंह ठाकुर ने भी नोटिस का जवाब देते हुए नसीम खान पर पलटवार किया है। जवाब में संगीन आरोप लगाए गए हैं। दोनों ही चांदीवली सीट से उम्मीदवारी चाहते थे, नसीम खान को पार्टी ने उम्मीदवारी दी जो चुनाव हार गए।

Congress in Maharashtra

सूरज सिंह ठाकुर को कारण बताओ नोटिस जारी

पार्टी उम्मीदवार को कारण बताओ नोटिस जारी

इससे पहले कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई ने विधानसभा चुनाव में हार पर प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले के खिलाफ की गई टिप्पणी के लिए शनिवार को पार्टी उम्मीदवार बंटी शेल्के को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे स्पष्टीकरण मांगा। नागपुर सेंट्रल विधानसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार से हारने के बाद शेल्के ने पटोले पर “आरएसएस एजेंट” होने का आरोप लगाया था।

कांग्रेस ने नाना पटोले की आलोचना करनी पड़ी भारी

कारण बताओ नोटिस में शेल्के को चेतावनी दी गई है कि वह अपनी टिप्पणी पर दो दिनों में स्पष्टीकरण दें या पटोले के खिलाफ “झूठे आरोप” लगाने के लिए पार्टी से निलंबन का सामना करने को तैयार रहें। नागपुर सेंट्रल में भाजपा उम्मीदवार प्रवीण दात्के ने शेल्के को 12,000 से अधिक मतों के अंतर से हराया था।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने चुनाव प्रचार के दौरान शेल्के के लिए एक रोड शो का नेतृत्व किया था। महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में सत्तारूढ़ महायुति ने 230 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि विपक्षी महा विकास आघाडी (एमवीए) 46 सीट पर सिमट गया।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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