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दिल्ली हार के बाद AAP में अंदरूनी कलह? सीएम मान और पंजाब के विधायकों से आज मिलेंगे केजरीवाल; जानें हर छोटी-बड़ी बात

Punjab Politics: दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को मिली करारी शिकस्त के बाद अंदरूनी कलह की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब के पार्टी विधायकों से आज अरविंद केजरीवाल मुलाकात करेंगे। केजरीवाल के विरोधी ये दावा कर रहे हैं कि दिल्ली की सत्ता गंवाने के बाद केजरीवाल अब पंजाब के मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं।

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पंजाब के लिए क्या है केजरीवाल का प्लान?

Internal conflict in AAP: आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल आज दिल्ली में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, राज्य के मंत्रियों और पार्टी विधायकों से मुलाकात करेंगे। यह बैठक दिल्ली विधानसभा चुनावों में आप की करारी हार और पार्टी की पंजाब इकाई में बढ़ते असंतोष की अटकलों के बीच हो रही है। हालांकि, ‘आप’ सांसद मलविंदर सिंह कंग ने असंतोष की खबरों को तवज्जो न देते हुए मंगलवार की बैठक को ‘‘नियमित रणनीति सत्र’’ करार दिया।

पंजाब के सीएम और विधायकों से क्यों मुलाकात करेंगे केजरीवाल?

पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह चर्चा दिल्ली चुनाव परिणामों के विश्लेषण और 2027 में होने वाले पंजाब चुनावों के लिए रणनीति बनाने पर केंद्रित होगी। एक दशक तक दिल्ली की सत्ता में रही ‘आप’ को पांच फरवरी के चुनावों में बड़ा झटका लगा। ‘आप’ दिल्ली विधानसभा की 70 सीट में से केवल 22 सीट ही जीत पाई। भाजपा ने 48 सीट हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की सत्ता से ‘आप’ को बाहर कर दिया है। ऐसे में ‘आप’ के लिए अन्य राज्यों में चुनावी संभावनाओं को लेकर चिंता बढ़ गई है।

पंजाब में क्या बिखरने वाली है आम आदमी पार्टी?

आप की पंजाब इकाई के भीतर असंतोष की खबरों के बीच आज की बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अटकलें हैं कुछ विधायक पार्टी के नेतृत्व से नाखुश हैं और अन्य विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। ‘आप’ ने 2022 में पंजाब विधानसभा चुनाव में 117 में से 92 सीट जीतकर शानदार जीत हासिल की थी। हालांकि, हाल के घटनाक्रमों ने आंतरिक एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, कुछ लोगों का मानना है दिल्ली में पार्टी के नेतृत्व का पंजाब की सरकार पर प्रभाव बना हुआ है।

मिलकर आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे केजरीवाल

आप सांसद मलविंदर सिंह कंग ने कहा, 'पार्टी में इस तरह की प्रक्रिया आम है। भविष्य की रणनीति बनाने के लिए सभी इकाइयों से फीडबैक लिया जाता है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आप विधायक, अरविंद केजरीवाल से मिलकर आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे।'

फिलहाल खाली है लुधियाना की विधानसभा सीट

ऐसी भी अटकलें हैं कि केजरीवाल अब पंजाब की राजनीति में अधिक प्रत्यक्ष भूमिका पर विचार कर सकते हैं। लुधियाना की विधानसभा सीट फिलहाल रिक्त है, इसलिए राजनीतिक पर्यवेक्षक केजरीवाल के वहां से चुनाव लड़ने तथा पंजाब सरकार का हिस्सा बनने की संभावना पर भी चर्चा कर रहे हैं। दिल्ली विधानसभा की नयी दिल्ली सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवेश वर्मा ने ‘आप’ प्रमुख को हराया है।

विपक्षी नेता पंजाब में भी ‘आप’ का इसी तरह का हाल होने की बात कह रहे हैं जहां 2024 के लोकसभा चुनाव में ‘आप’ के 13 उम्मीदवार में से केवल तीन ही जीत पाए थे। पंजाब एकमात्र ऐसा राज्य है जहां ‘आप’ अभी सत्ता में है ऐसे में मंगलवार की बैठक का नतीजा पार्टी की भविष्य की दिशा और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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