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जंग के बीच खाड़ी देशों में फंसे हजारों भारतीय, मदद में जुटा दूतावास; कुछ जगहों पर हेल्पलाइन को लेकर शिकायतें

ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण पश्चिमी एशिया में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। इस जंग के कारण खाड़ी देशों में हजारों भारतीय फंसे हुए हैं। जिनमें कामगार से लेकर पर्यटक तक शामिल हैं। कुछ धार्मिक यात्री भी फंसे हुए हैं। इन्हें निकालने के लिए भारत सरकार लगातार प्रयास कर रही है, हालांकि उड़ान सेवाएं निलंबित होने की वजह से इसमें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

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खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों के लिए विदेश मंत्रालय ने बनाया कंट्रोल रूम

ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच जारी जंग के कारण खाड़ी देशों में सैकड़ों भारतीय फंसे हैं। भारतीय कामगार से लेकर पर्यटक तक और व्यापारिक यात्री से लेकर धार्मिक तीर्थयात्री तक ईरान, इजरायल के अलावा सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में फंसे हैं। ईरान इन देशों में बने अमेरिकी मिलिट्री ठिकानों पर हमला कर रहा है, जिसकी जद में कई बार एयरपोर्ट तक आ चुके हैं। जिसके कारण इन देशों के एयरस्पेस कई जगहों पर अस्थाई रूप से बंद हैं। फ्लाइट सेवा सस्पेंड है। यही कारण है कि भारत समेत दुनिया भर के कई देशों के नागरिक इन देशों में फंसे हैं। भारत सरकार इन फंसे हुए नागरिकों को निकालने की लगातार कोशिश कर रही है, कुछ फ्लाइट्स भारत लैंड भी कर चुके हैं, लेकिन अभी भी सैकड़ों लोगों को लाना बाकी है।

विदेश मंत्रालय ने बनाया कंट्रोल रूम

इन देशों में मौजूद भारतीय दूतावास हेल्पलाइन नंबर जारी कर चुके हैं। समय-समय पर एडवाइजरी भी जारी हो रही है। भारतीय नागरिकों के सुरक्षित निकासी के प्रयास भी हो रहे हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसके लिए बकायदा एक कंट्रोल रूप स्थापित किया है। कंट्रोल रूम से सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक निम्नलिखित नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है:

  • 1800118797 (टोल फ्री)
  • +91 11 2301 2113
  • +91 11 2301 4104
  • +91 11 2301 7905

इसके अलावा इन देशों में मौजूद भारतीय दूतावासों के आपातकालीन नंबर भी जारी किए गए, जहां से लोग मदद मांग सकते हैं।

  • बहरीन: +973 39418071
  • ईरान: +98 9128109115 / +98 9128109102 / +98 9128109109 / +98 9932179359
  • इराक: +964 771 651 1185 / +964 770444 4899
  • इजरायल: +972 54 7520711 / +972 54 2428378
  • जॉर्डन: +962 770 422 276
  • कुवैत: +965 65501946
  • लेबनान: +961 76860128
  • ओमान: +968 98282270 (व्हाट्सऐप) / 80071234 (टोल फ्री)
  • कतर: +974 55647502
  • रामल्ला, फिलिस्तीन: +970 592916418
  • सऊदी अरब (रियाद): +966 11 4884697 / 800 247 1234 (टोल फ्री)
  • सऊदी अरब (जेद्दा): +966 126648660 / +966 12 2614093
  • संयुक्त अरब अमीरात: +971 543090571 (व्हाट्सऐप) / 800 46342 (टोल फ्री)

दोहा दूतावास के नोटिस पर विवाद

हाल ही में Embassy of India, Doha ने 4 मार्च को होली के अवसर पर दूतावास बंद रहने का नोटिस जारी किया, जिसमें यह भी स्पष्ट किया गया था कि आपातकालीन कांसुलर सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। इसे लेकर आलोचनाएं होने लगीं कि जंग के बीच होली की छुट्टी कितनी जायज है? कुछ घंटों बाद एक और संदेश जारी कर यह दोहराया गया कि इमरजेंसी सेवाएं चालू हैं। हालांकि, सोशल मीडिया पर कुछ भारतीयों ने दावा किया कि दिए गए आपातकालीन संपर्क नंबरों पर कॉल का जवाब नहीं मिल रहा था। यह ध्यान देने योग्य है कि संकट के समय कॉल वॉल्यूम अचानक बढ़ जाता है, जिससे तकनीकी या ऑपरेशनल दबाव की स्थिति बन सकती है। फिर भी, ऐसे दावों ने लोगों की चिंता बढ़ाई है।

एक पर्यटक की आपबीती

दुबई में फंसे एक भारतीय पर्यटक ने सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती साझा की। उनका दावा है कि वे पिछले तीन दिनों से वहां रुके हुए हैं और उन्हें दूतावास की हेल्पलाइन से संपर्क करने में दिक्कत आ रही है। पर्यटक के मुताबिक:

  • मुफ्त ठहरने की सुविधा केवल अबू धाबी में यात्रियों को मिल रही है।
  • उन्होंने सैकड़ों बार कॉल करने की कोशिश की, लेकिन कथित तौर पर हेल्पलाइन पर कोई जवाब नहीं मिला।
  • दुबई से मुंबई की फ्लाइट्स पोर्टल पर दिख रही हैं, लेकिन उड़ान से 6–7 घंटे पहले कैंसिल हो जा रही हैं।
  • फुजैराह से निजी एयरलाइंस की फ्लाइट्स 80 हजार से 1 लाख रुपये तक की बताई जा रही हैं।
  • Emirates की 40–50 हजार रुपये वाली टिकट भी बुकिंग के बाद रद्द हो रही हैं और रिफंड 48–72 घंटे में प्रोसेस हो रहा है।
  • पर्यटक ने यह भी कहा कि रिफंड में पैसा फंस जाने के कारण वे नई टिकट बुक नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने अपने पिता के हार्ट पेशेंट होने का जिक्र करते हुए मानसिक तनाव की बात कही है।

क्या करें क्या न करें?

खाड़ी देशों में भारत का विशाल प्रवासी समुदाय है। पहले भी महामारी और क्षेत्रीय तनाव के दौरान भारतीय मिशनों ने बड़े स्तर पर निकासी और सहायता अभियान चलाए हैं। लेकिन इस बार हालात अलग हैं। जंग पहले से ज्यादा खतरनाक हो चुके हैं। ऐसे में सबसे जरूरी बात है, धैर्य बनाए रखना और भारत सरकार और संबंधित देश से जारी हो रहे एडवाइजरी का पालन करना। भारत लगातार वहां से लोगों को निकालने की कोशिश में हैं, विशेष उड़ाने भी संचालित की गई हैं। बाकी फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए भी प्रयास जारी हैं।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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