अमेरिका के फिलाडेल्फिया शहर में 28 वर्षीय भारतीय युवक अंशुल कुंचा की शुक्रवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई। तेलंगाना के रहने वाले अंशुल की मौत ने न केवल उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि विदेश में पढ़ाई और करियर के सपने देखने वाले भारतीय परिवारों के बीच भी चिंता बढ़ा दी है। इस घटना के बाद अंशुल की बहन ने भावुक अपील करते हुए कहा कि माता-पिता अपने बच्चों को अमेरिका भेजने से पहले कई बार सोचें।
जानकारी के मुताबिक, अंशुल कुंचा मूल रूप से तेलंगाना के मेडचल-मलकाजगिरी जिले के गुंडलापोचमपल्ली का रहने वाला था। वह 2023 में एमबीए की पढ़ाई के लिए अमेरिका गया था। पढ़ाई के साथ-साथ वह एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता था और अतिरिक्त आय के लिए वीकेंड में पार्ट-टाइम पिज्जा डिलीवरी का काम भी करता था।
बताया जा रहा है कि घटना वाले दिन अंशुल को देर रात एक पिज्जा डिलीवरी का ऑर्डर मिला। वह ऑर्डर लेकर फिलाडेल्फिया के रेमंड रोसेन होम्स नामक आवासीय परिसर में पहुंचा, लेकिन वहां पहुंचने पर उस पर हमला कर दिया गया। अज्ञात हमलावरों ने उसके सिर में कई गोलियां मारीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
सुनियोजित साजिश के तहत की गई हत्या
परिवार का आरोप है कि यह कोई सामान्य आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश थी। अंशुल की बहन तान्वी ने कहा कि उसे जिस स्थान पर बुलाया गया था, वह एक खाली मकान था और पिज्जा का ऑर्डर भी फर्जी निकला। उनके मुताबिक, यह पूरा मामला अंशुल को फंसाकर हत्या करने की योजना का हिस्सा था।
'बच्चों को अमेरिका भेजने से पहले सोंचे'
तान्वी ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा कि अंशुल कभी अमेरिका जाना नहीं चाहता था, लेकिन परिवार ने उसे बेहतर भविष्य के लिए वहां भेजा। आज उसकी यह हालत हो गई। मैं सभी माता-पिता से कहना चाहती हूं कि अपने बच्चों को अमेरिका भेजने से पहले सोचें।
सिर में मारीं तीन गोलियां
उन्होंने कहा कि परिवार को जानकारी दी गई है कि अंशुल के सिर में तीन गोलियां मारी गईं और उसके बाद शव को सड़क पर छोड़ दिया गया। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि घटना के बाद उसका कोई सामान चोरी नहीं हुआ, जिससे हत्या के पीछे के मकसद को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
सीसीटीवी फुटेज में देखे गए संदिग्ध लोग
इलाके के सीसीटीवी फुटेज में अंशुल को पिज्जा लेकर जाते हुए देखा गया है। फुटेज में उसके पीछे दो संदिग्ध लोग भी नजर आए हैं, जिन्होंने गहरे रंग के कपड़े पहन रखे थे और उनकी पीठ पर बैग था। पुलिस इन फुटेज के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
अंशुल के साथ पहले भी हो चुकी है लूट-पाट
परिवार ने यह भी बताया कि अंशुल पहले भी अमेरिका में लूटपाट की एक घटना का शिकार हो चुका था, जिसमें उसका मोबाइल फोन, चेन और नकदी छीन ली गई थी। इसके बावजूद उसने अपनी पढ़ाई और काम जारी रखा था।
परिवार ने सरकार से लगाई गुहार
घटना के बाद परिवार ने केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय से अंशुल का पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने में मदद की अपील की है। वहीं, अमेरिका में भारतीय अधिकारियों ने भी परिवार को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है।
न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में अंशुल की मौत पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि वह स्थानीय प्रशासन और परिवार के संपर्क में है तथा सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। फिलहाल अमेरिकी पुलिस हत्या के कारणों और हमलावरों की पहचान का पता लगाने में जुटी है। परिवार को उम्मीद है कि जांच के बाद अंशुल के हत्यारों को जल्द गिरफ्तार कर न्याय दिलाया जाएगा।
