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BrahMos सुपरसोनिक मिसाइल ने दिखाया दम! बंगाल की खाड़ी में हुआ सफल कॉम्बैट लॉन्च, देखें VIDEO

भारतीय थलसेना ने ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल कॉम्बैट लॉन्च कर अपनी लंबी दूरी की मारक क्षमता को और सशक्त किया है। इस परीक्षण में दक्षिणी कमान की ब्रह्मोस यूनिट और अंडमान-निकोबार कमान की त्रि-सेवा इकाई ने भाग लिया। सेना ने बताया कि यह प्रक्षेपण स्वदेशी मिसाइल प्रणालियों की सटीकता, विश्वसनीयता और प्रभावशीलता को साबित करता है।

BrahMos Missile Launch: भारतीय थलसेना ने सोमवार को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफलतापूर्वक कॉम्बैट लॉन्च किया। इस परीक्षण से सशस्त्र बलों की लंबी दूरी की मारक क्षमता और मजबूत हुई है। सेना के अनुसार यह प्रक्षेपण बंगाल की खाड़ी में स्थित परीक्षण क्षेत्र से किया गया। भारतीय सेना ने बताया कि मिशन को बेहद सटीकता के साथ पूरा किया गया। मिसाइल ने अपने उन्नत गाइडेंस और नियंत्रण प्रणालियों के जरिये उच्च गति पर स्थिर उड़ान, लक्ष्य पर निशाना साधने की क्षमता और अंतिम चरण में सटीक प्रहार का प्रदर्शन किया। निर्धारित लक्ष्य को बिल्कुल सही तरीके से भेदने से यह स्पष्ट होता है कि ब्रह्मोस यूनिट्स वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों में भी तेज और प्रभावी प्रहार करने में सक्षम हैं।

मिसाइल कॉम्बैट लॉन्च में किसने लिया हिस्सा?

इस मिसाइल कॉम्बैट लॉन्च में भारतीय सेना की सदर्न कमांड की ब्रह्मोस यूनिट और अंडमान-निकोबार कमान की त्रि-सेवा इकाई ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। सेना ने बताया कि यह मिशन सभी निर्धारित परिचालन लक्ष्यों को सफलतापूर्वक पूरा करने में सक्षम रहा और इसने स्पष्ट कर दिया कि ब्रह्मोस यूनिट्स वास्तविक समय में सटीक प्रहार मिशन के दौरान किसी भी नई युद्ध चुनौती का प्रभावी रूप से सामना करने में पूरी तरह सक्षम हैं।

लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने की प्रशंसा

दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने इस सफल प्रक्षेपण पर संबंधित सेना टुकड़ी की प्रशंसा की है। इस महत्वपूर्ण सफलता ने थलसेना की लंबी दूरी की प्रहार क्षमता को और अधिक सशक्त बनाया है। यह लॉन्च भारतीय सेना के उस सतत प्रयास का हिस्सा है, जिसमें लॉन्ग-रेंज सटीक प्रहार क्षमता को मजबूत करना और क्षेत्र में मजबूतीपूर्ण रक्षा सुनिश्चित करना शामिल है।

स्वदेशी मिसाइल प्रणालियां बेहद भरोसेमंद

सेना के अनुसार इस प्रक्षेपण ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि भारत की स्वदेशी मिसाइल प्रणालियां बेहद भरोसेमंद, सटीक और प्रभावी हैं। यह उपलब्धि न केवल देश की सामरिक शक्ति को मजबूत करती है, बल्कि स्वदेशी अनुसंधान एवं विकास प्रयासों की मजबूती को भी उजागर करती है। यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण का भी एक सशक्त उदाहरण है। सेना ने बताया कि ब्रह्मोस जैसे अत्याधुनिक मिसाइल सिस्टम की निरंतर उन्नति भारत की रणनीतिक और तकनीकी क्षमता को नई ऊंइयों तक ले जा रही है।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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