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भारतीय सेना ने पाकिस्तानी आतंकवादी लॉन्चपैड्स को किया नेस्तनाबूद; जारी किया दमदार VIDEO

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने आतंकवादी लॉन्चपैड को ध्वस्त किया। ये जानकारी खुद भारतीय सेना ने साझा की है। सेना द्वारा एक वीडियो भी जारी किया गया है, जिसमें ये देखा जा सकता है कि कैसे भारतीय सैनिकों ने सीमा पार आतंकी लॉन्चपैड्स को कैसे तबाह कर दिया।

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पाकिस्तान के आतंकी अड्डों पर हिंदुस्तान का प्रहार।

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारतीय सेना ने ऐसा वीडियो जारी किया है, जिसे देखकर पाकिस्तानियों के होश फाख्ता हो जाएंगे। भारतीय सेना के वीर जवानों ने कैसे पाकिस्तान स्थित आतंकी लॉन्चपैड्स को तबाह कर दिया, इसकी तस्वीर सामने आ चुकी है। भारतीय सेना ने निर्णायक कार्रवाई के जरिए आतंकवादी लॉन्चपैड्स को पूरी तरह से नेस्तानाबूद कर दिया।

आतंकवादी लॉन्चपैड को भारतीय सेना ने किया तबाह

भारतीय सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक वीडियो साझा किया है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे भारतीय शूरवीरों मे अपने शौर्य का परिचय दिया और सीमा पार स्थित आतंकी लॉन्चपैड्स को तबाह कर दिया। वीडियो को साझा करते हुए भारतीय सेना ने कैप्शन में लिखा, '8 और 9 मई 2025 की रात जम्मू-कश्मीर और पंजाब के कई शहरों में पाकिस्तान की ड्रोन हमलों की नाकाम कोशिशों के जवाब में, भारतीय सेना ने एक समन्वित फायर असॉल्ट अभियान चलाया, जिसमें आतंकवादी लॉन्चपैड्स को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया गया।'

इस पोस्ट में आगे बताया गया कि 'ये लॉन्चपैड्स नियंत्रण रेखा (LoC) के निकट स्थित थे और भारतीय नागरिकों एवं सुरक्षा बलों के खिलाफ आतंकवादी हमलों की साजिश और क्रियान्वयन के केंद्र रहे थे। भारतीय सेना की त्वरित और निर्णायक कार्रवाई ने आतंकवादी ढांचे और उनकी क्षमताओं को जबरदस्त झटका दिया है।'

विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस

इसी बीच ऑपरेशन सिंदूर पर विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। पाकिस्तान के साथ जारी तनाव पर सैन्य अधिकारियों ने कहा कि उधमपुर, पठानकोट, आदमपुर और भुज एयरबेस को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा, पाकिस्तान ने मिसाइलें दागीं और अस्पताल तथा स्कूल को निशाना बनाया गया। विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने एयर फोर्स स्टेशन सिरसा और एयर फोर्स स्टेशन सूरतगढ़ के शनिवार सुबह की फोटो दिखाईं और कहा कि ये सुरक्षित हैं।

कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा, 'पाकिस्तानी सेना पश्चिमी सीमाओं पर लगातार हमले कर रही है, उसने भारत के सैन्य ठिकानों पर हमला करने के लिए ड्रोन, लंबी दूरी के हथियार, युद्धक हथियार और लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया है। भारत ने कई खतरों को नाकाम कर दिया, लेकिन पाकिस्तान ने 26 से अधिक स्थानों पर हवाई मार्ग से घुसपैठ करने की कोशिश की।' उन्होंने आगे कहा, 'पाकिस्तान ने पंजाब के वायुसेना बेस को निशाना बनाने के लिए रात 1:40 बजे हाई-स्पीड मिसाइलों का इस्तेमाल किया। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं और स्कूलों पर भी हमला किया।'

कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया, 'पाकिस्तान की इन हरकतों के बाद तुरंत जवाबी हमले का एक्शन लिया गया। रफीकी, मुरीद, चकलाला, रहमयार खान पर पाक सैन्य ठिकानों पर सटीक हथियारों और लड़ाकू जेट से हमला किया गया। सियालकोट का एयरबेस भी टारगेट किया गया। कम से कम कोलेटरल डैमेज की क्षति हमने निश्चित की। पाकिस्तान ने नागरिक विमानों की आड़ लेकर अंतरराष्ट्रीय एयर रूट का गलत इस्तेमाल किया।'

पाकिस्तान द्वारा फैलाए जा रहे झूठे दावों को किया खारिज

विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया, 'एक त्वरित और सुनियोजित प्रतिक्रिया में भारतीय सशस्त्र बलों ने केवल चिन्हित सैन्य लक्ष्यों पर सटीक हमला किया। पाकिस्तान ने भारतीय एस-400 प्रणाली को नष्ट करने, सूरत और सिरसा में हवाई अड्डों को नष्ट करने के दावों के साथ लगातार दुर्भावनापूर्ण गलत सूचना अभियान चलाने का प्रयास किया है। भारत पाकिस्तान द्वारा फैलाए जा रहे इन झूठे दावों को स्पष्ट रूप से खारिज करता है।'

विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने कहा, 'अंतर्राष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर श्रीनगर से नलिया तक 26 से अधिक स्थानों पर हवाई घुसपैठ और कई उत्पीड़नकारी हमले करने की कोशिश की गई। भारतीय सशस्त्र बलों ने इन खतरों और अधिकांश वेक्टरों को सफलतापूर्वक बेअसर कर दिया। हालांकि, उधमपुर, पठानकोट, आदमपुर और भुज में भारतीय वायु सेना स्टेशनों पर उपकरणों और कर्मियों को सीमित नुकसान हुआ। इसके बाद रात 1:40 बजे के बाद पंजाब के कई हवाई ठिकानों पर कई हाई-स्पीड मिसाइल हमले भी देखे गए।'

फेक न्यूज को लेकर विदेश सचिव ने किया आगाह

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने पाकिस्तान की हरकतों को तनाव बढ़ाने वाला बताया। उन्होंने कहा, 'जैसा कि पिछले 2-3 प्रेस ब्रीफिंग में बताया गया है कि पाकिस्तानी गतिविधियां तनाव को बढ़ाने का काम कर रही हैं। वो हमें उकसाने का काम कर रही हैं। हमने जवाब में भारत ने रक्षात्मक रवैया अपनाया। इस सुबह दोबारा पाकिस्तान ने उकसाने वाला और तनाव बढ़ाने वाला एक्शन लिया। पाकिस्तान ने आदमपुर, सूरतपुर, एस-400, नगरोटा के गोलाबारूद सेंटर, ब्रह्मोस फैसिलिटी को तबाह करने का दावा किया। हम इसे खारिज करते हैं। कुपवाड़ा, बारामूला, पुंछ, राजौरी और अखनूर में तोप, मोर्टार से भीषण गोलाबारी जारी है।'

विदेश सचिव मिस्री ने फेक न्यूज को लेकर भी आगाह किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के झूठे दावे साफ हो चुके हैं। पाकिस्तानी सरकारी एजेंसियां हमले और तबाही का दावा कर रही हैं। कह रहे हैं कि मिलिट्री फैसिलिटी तबाह की है, यह सब झूठ है। यह दावे किए गए हैं कि पावर, इन्फ्रास्ट्रक्चर सिस्टम पर बड़े हमले किए गए, यह सब झूठ है। पाकिस्तान लगातार नागरिकों और नागरिक इमारतों को निशाना बना रहा है। भारत में कम्युनल विवाद खड़ा करने की कोशिश कर रहा है। जम्मू-कश्मीर और पंजाब में सिविलियन मारे जा रहे हैं, इमारतें क्षतिग्रस्त हो रही हैं। जम्मू-कश्मीर में एक प्रशासनिक अधिकारी मारा जा रहा है। फिलहाल भारत के सैन्य ठिकाने सुरक्षित हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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