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इजरायल-ईरान युद्ध के बीच रूस से 5 S-400 ‘सुदर्शन’ डिफेंस सिस्टम खरीद रहा भारत, PAK-चीन सीमा पर कुछ होगा बड़ा?

S 400 Susdarshan Air Defence System: रूस से भारत 5 और S-400 ‘सुदर्शन’ एयर डिफेंस सिस्टम स्क्वाड्रन खरीदने की योजना बना रहा है। रक्षा मंत्रालय जल्द ही वायुसेना के प्रस्ताव को मंजूरी के लिए आगे बढ़ाएगा। समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के आधार पर बताया कि पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान S-400 सिस्टम के प्रदर्शन के बाद और खरीदने का निर्णय लिया गया है।

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रूस से 5 एस 400 ‘सुदर्शन’ एयर डिफेंस सिस्टम खरीद सकता है भारत।

Photo : AP

S 400 Susdarshan Air Defence System: इजरायल-ईरान युद्ध के बीच भारत-रूस ने एक बड़ा रक्षा समझौता किया है। रक्षा सूत्रों के मुताबिक, रूस से भारत 5 और S-400 ‘सुदर्शन’ एयर डिफेंस सिस्टम स्क्वाड्रन खरीदने की योजना बना रहा है। रक्षा मंत्रालय जल्द ही वायुसेना के प्रस्ताव को मंजूरी के लिए आगे बढ़ाएगा। समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के आधार पर बताया कि पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान S-400 सिस्टम के प्रदर्शन के बाद और खरीदने का निर्णय लिया गया है।

2018 में हुआ था पहला समझौता

यह कदम पहले से चल रहे रक्षा समझौतों को आगे बढ़ाने की दिशा में लिया जा रहा है। भारत ने 2018 में रूस के साथ S-400 प्रणाली के पांच स्क्वाड्रन खरीदने का समझौता किया था, जिनमें से अब तक कुछ स्क्वाड्रन डिलीवर हो चुके हैं और दो बाकी हैं। इन अतिरिक्त पांच स्क्वाड्रनों से भारतीय वायु सेना की क्षमता में और वृद्धि होगी।

दुश्मन के खतरनाक मिसाइलों को नष्ट करने की है क्षमता

S-400 ‘सुदर्शन’ एयर डिफेंस सिस्टम को भारत की वायु रक्षा में एक गेम-चेंजर माना जाता है। यह लंबी दूरी की सतह से हवा तक मार करने वाली मिसाइल प्रणाली है, जो दुश्मन के विमान, क्रूज मिसाइल और अन्य हवाई खतरों को प्रभावी रूप से रोक सकती है। यह प्रणाली विशेष रूप से मौजूदा सुरक्षा परिवेश में भारत के सीमावर्ती क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।

कहां तैनात किया जाएगा?

जानकारी के मुताबिक, रक्षा अधिकारियों ने बताया कि नए सिस्टम को पूर्वी और पश्चिमी दोनों सीमाओं पर तैनात किया जाएगा। इससे चीन और पाकिस्तान, दोनों मोर्चों पर भारत की हवाई सुरक्षा क्षमता मजबूत होगी।

वायु सेना को बढ़ेगी ताकत

रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह खरीद भारतीय वायु रक्षा को और मजबूत करेगी, खासकर पूर्वी और पश्चिमी सीमाओं पर संभावित खतरों का सामना करने में। पेज पर चर्चा के अनुसार, नई सौदेबाजी रूस-भारत संबंधों को और गहरा करेगी और भारत की सामरिक तैयारियों को वर्तमान समय के उच्चतर मानकों तक ले जाएगी।

रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह खरीद भारतीय वायु रक्षा को और मजबूत करेगी, खासकर पूर्वी और पश्चिमी सीमाओं पर संभावित खतरों का सामना करने में। पेज पर चर्चा के अनुसार, नई सौदेबाजी रूस-भारत संबंधों को और गहरा करेगी और भारत की सामरिक तैयारियों को वर्तमान समय के उच्चतर मानकों तक ले जाएगी।

कितना खास है S-400 ‘सुदर्शन’ एयर डिफेंस सिस्टम?

एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम दुनिया की सबसे एडवांस एयर डिफेंस प्रणालियों में से एक माना जाता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसकी मोबिलिटी है। यह पूरी तरह मोबाइल सिस्टम है, जिसे सड़क मार्ग से आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा सकता है, जिससे युद्ध की स्थिति में इसकी तैनाती तेज और लचीली रहती है।

इस सिस्टम में 92N6E इलेक्ट्रॉनिकली स्टीयर्ड फेज्ड ऐरे रडार लगा होता है, जो लगभग 600 किलोमीटर दूर से कई लक्ष्यों को एक साथ पहचानने में सक्षम है। यह मल्टीपल टारगेट्स को डिटेक्ट और ट्रैक करने की क्षमता रखता है, जिससे हवाई हमलों से प्रभावी सुरक्षा मिलती है।

ऑर्डर मिलने के बाद यह सिस्टम केवल 5 से 10 मिनट में पूरी तरह ऑपरेशनल हो जाता है, जो इसे बेहद तेज प्रतिक्रिया देने वाली रक्षा प्रणाली बनाता है।

160 ऑब्जेक्ट्स को ट्रैक कर सकती सिस्टम

S-400 की एक यूनिट एक साथ करीब 160 ऑब्जेक्ट्स को ट्रैक कर सकती है। किसी एक लक्ष्य को भेदने के लिए यह दो मिसाइलें एक साथ लॉन्च कर सकता है, जिससे सटीकता और सफलता की संभावना बढ़ जाती है।

इस सिस्टम में मौजूद ‘400’ इसकी अधिकतम मारक क्षमता को दर्शाता है। भारत को मिलने वाला संस्करण 400 किलोमीटर की रेंज तक लक्ष्य को निशाना बना सकता है। यह न केवल लंबी दूरी से दुश्मन के विमान या मिसाइल को पहचान कर काउंटर अटैक कर सकता है, बल्कि 30 किलोमीटर की ऊंचाई तक भी लक्ष्य को भेदने में सक्षम है।

कुल मिलाकर, S-400 आधुनिक वायु रक्षा का एक मजबूत कवच है, जो लंबी दूरी, ऊंचाई और तेज प्रतिक्रिया क्षमता के कारण रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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