World Food India 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को भारत मंडपम में आयोजित 'वर्ल्ड फूड इंडिया 2025' समिट में सम्मिलित हुए। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि खाद्य क्षेत्र के निवेशक विविधता, पैमान और मांग के कारण भारत की ओर देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज इस आयोजन में हमारे किसान, उद्यमी, निवेशक, उपभोक्ता सभी एक ही जगह मौजूद हैं। वर्ल्ड फूड इंडिया एक नए कॉन्टेक्ट, कनेक्ट और क्रिएटिविटी का आयोजन बन गया है।
PM मोदी ने फिर दोहराई लाल किले वाली बात
इनमें से कई सारे स्टार्टअप फूड और एग्रीकल्चर सेक्टर में काम कर रहे हैं। यानी भारत में विविधता, मांग और नवाचार सभी कुछ मौजूद हैं। यह तमाम चीजें भारत को इनवेस्टमेंट के लिए सबसे आकर्षण बनाते हैं। मैं लाल किले से कही अपनी बात फिर दोहराऊंगा कि इनवेस्टमेंट का भारत में विस्तार करने का यही समय है, सही समय है।
PM मोदी ने क्या कुछ कहा?
उन्होंने कहा कि 21 सदी में दुनिया के सामने इतनी सारी चुनौतियां हैं, इनसे हम भली-भांति परिचित हैं। जब-जब, जो-जो चुनौतियां दुनिया के सामने आई हैं भारत ने आगे बढ़कर सकारात्मक भूमिका निभाई है। ग्लोबल फूड सिक्योरिटी में भी भारत निरंतर कंट्रीब्यूट कर रहा है। हमारे किसानों, पशुपालकों, मछवारों और सरकारी की नीतियों से भारत का सामर्थ्य लगातार बढ़ रहा है। आज भारत दूध का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। हम मिलेट्स के भी सभी बड़े प्रोड्यूसर हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि बीते 10 साल में भारत की प्रोसेसिंग कैपिसिटी में 20 गुना वृद्धि हुई है। फूड सप्लाई और वैल्यू चेन में हमारे किसानों, पशुपालकों और मछुआरों, और छोटी-छोटी प्रोसेसिंग यूनिट्स की बहुत बड़ी भूमिका है। भारत में 85 प्रतिशत से अधिक स्मॉल और मार्जिनल फार्मर्स हैं। इसलिए हमने ऐसी पॉलिसी बनाई।
उन्होंने कहा कि मरीन और फिसरीज में भी भारत की ग्रोथ शानदार है। आज का भारत इनोवेशन और रिफॉर्म्स के नए पथ पर अग्रसर है। आजकल हमारे यहां नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स की बहुत चर्चा है। किसानों के लिए ये रिफॉर्म्स कम लागत और ज्यादा लाभ का भरोसा लेकर आए हैं।
