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'वास्तव में हम PAK से नहीं चीन से लड़ रहे', चीनी मदद पर खुलासे के बाद कांग्रेस की मांग-संसद में हो व्यापक चर्चा

उप सेना प्रमुख के इस बयान पर कि चीन ने भारत के प्रतिष्ठानों पर लाइव डाटा साझा किया और तुर्किये ने पाकिस्तान को ड्रोन प्रदान किए, कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा, 'सेना उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर सिंह ने सार्वजनिक रूप से वही बात कही है जो 'ऑपरेशन सिंदूर' के अंत के बाद से आमतौर पर मानी जा रही थी। 'ऑपरेशन सिंदूर' का अचानक अंत हुआ था, जिसमें राष्ट्रपति ट्रंप ने हस्तक्षेप किया।

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मानसून सत्र में चीन पर व्यापक रूप से चर्चा चाहती है कांग्रेस।

Jairam Ramesh: 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तान को 'रीयल टाइम' पर चीन से मदद मिलने का खुलासा होने पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी है। चीनी मदद पर उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर सिंह के खुलासे पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने संसद के मानसून सत्र में चीन के साथ रिश्तों पर समग्रता के साथ चर्चा कराए जाने की मांग की। कांग्रेस नेता ने कहा कि 'वास्तव में हम पाकिस्तान से नहीं बल्कि चीन के साथ लड़ रहे हैं। पाकिस्तान की वायु सेना को चीन एक अलग स्तर पर ले जा रहा है।' रमेश ने कहा कि इसलिए हमारी मांग है कि चीन की तरफ से मिल रही रणनीतिक, आर्थिक, कूटनीतिक चुनौतियों पर मानसून सत्र में विस्तृत चर्चा हो।

भारत के प्रतिष्ठानों पर चीन ने लाइव डाटा साझा किया

उप सेना प्रमुख के इस बयान पर कि चीन ने भारत के प्रतिष्ठानों पर लाइव डाटा साझा किया और तुर्किये ने पाकिस्तान को ड्रोन प्रदान किए, कांग्रेस सांसद ने कहा, 'सेना उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर सिंह ने सार्वजनिक रूप से वही बात कही है जो 'ऑपरेशन सिंदूर' के अंत के बाद से आमतौर पर मानी जा रही थी। 'ऑपरेशन सिंदूर' का अचानक अंत हुआ था, जिसमें राष्ट्रपति ट्रंप ने हस्तक्षेप किया और 10 मई को ऑपरेशन रद्द कर दिया गया। आज जो लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने कहा है, वह उन आशंकाओं को सार्वजनिक रूप देता है, जो पहले से थीं कि हम वास्तव में पाकिस्तान से नहीं बल्कि चीन से लड़ रहे थे। पाकिस्तान की वायु सेना को चीन असाधारण रूप से माइक्रोमैनेज कर रहा था।'

'पाक की वायु सेना पर नियंत्रण कर चुका है चीन'

कांग्रेस सांसद ने कहा, 'यह उतना ही महत्वपूर्ण खुलासा है जितना कि सिंगापुर में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) द्वारा किया गया था। यही कारण है कि कांग्रेस पार्टी लगातार चीन से उत्पन्न रणनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक चुनौतियों पर संसद में चर्चा की मांग करती रही है। चीन न केवल पाकिस्तान की वायु सेना पर नियंत्रण कर चुका है, बल्कि अब वह पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ त्रिपक्षीय बैठकें भी कर रहा है। हमारे व्यापार घाटे का रिकॉर्ड बन रहा है।'

चीन पर पूरी चर्चा चाहते हैं-जयराम

रमेश ने आगे कहा, 'अब जबकि संसद का सत्र 21 जुलाई से शुरू हो रहा है और इसे चार दिनों के लिए बढ़ा भी दिया गया है, हमें उम्मीद है कि हमें चीन से उत्पन्न राजनीतिक, रणनीतिक, आर्थिक और भू-राजनीतिक चुनौतियों पर चर्चा का अवसर मिलेगा। कांग्रेस पार्टी अपनी यह मांग जारी रखेगी कि चीन पर पूरी चर्चा हो और इन चुनौतियों से निपटने के लिए एक सामूहिक संकल्प तैयार किया जाए।' कांग्रेस सांसद ने कहा, 'पाकिस्तान एक चुनौती है जिसे चीन का समर्थन प्राप्त है। अमेरिका भी एक चुनौती है, लेकिन वह अलग श्रेणी में आता है। इसलिए हम अपनी यह मांग जारी रखेंगे और हम संसद में सीडीएस जनरल चौहान, इंडोनेशिया में रक्षा अताशे और आज नई दिल्ली में लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह द्वारा किए गए खुलासों पर चर्चा की मांग करेंगे।'

हम आते हैं चाय पीते हैं और चले जाते हैं-रमेश

19 जुलाई को संसद सत्र से पहले होने वाली सर्वदलीय बैठक पर जयराम रमेश ने कहा, 'सर्वदलीय बैठक एक औपचारिकता भर होती है। इन बैठकों में कुछ खास नहीं होता। राजनाथ सिंह और संसदीय कार्य मंत्री आते हैं, जे.पी. नड्डा राज्यसभा में नेता होने के नाते आते हैं। फिर हम एक-डेढ़ घंटे तक एक औपचारिक, निरर्थक चर्चा करते हैं, चाय पीते हैं और चले जाते हैं। असल में एजेंडा तय करने वाले प्रधानमंत्री और गृह मंत्री होते हैं और वे कभी इन बैठकों में मौजूद नहीं रहते। इसलिए यह बैठक सिर्फ एक औपचारिक प्रक्रिया बन कर रह जाती है।'

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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