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'...तो पाकिस्तान का नामोनिशान मिटा देंगे', अनुराग ठाकुर ने किया बड़ा दावा; दे दी खुली चेतावनी

BJP Slams Pakistan: भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने दावा किया है कि भारत विरोधी गतिविधियां जारी रहीं तो पाकिस्तान का नामोनिशान मिटा देंगे। इसके अलावा उन्होंने कहा कि एक ओर कांग्रेस सरकार केंद्र के फैसलों का समर्थन करती है, वहीं दूसरी ओर इसके कुछ नेता "अनावश्यक बयानबाजी" कर रहे हैं।

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अनुराग ठाकुर ने पाकिस्तान को लेकर किया बड़ा दावा।

India vs Pakistan: पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता अनुराग ठाकुर ने सोमवार को पाकिस्तान पर सीमा पर अशांति फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर पड़ोसी देश भारत विरोधी गतिविधियां जारी रखता है, तो उसे पूरी तरह मिटा दिया जाएगा।

'उचित समय पर पाकिस्तान को दिया जाएगा करारा जवाब'

पहलगाम (जम्मू-कश्मीर) में हुए आतंकी हमले के विरोध में पार्टी की ओर से यहां गांधी चौक पर आयोजित एक जिला स्तरीय रैली को संबोधित करते हुए ठाकुर ने कहा कि भारत सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि उचित समय पर पाकिस्तान को करारा जवाब दिया जाएगा। हमीरपुर से मौजूदा सांसद ठाकुर ने कहा, “अगर पाकिस्तान भारत विरोधी हरकतें करता रहेगा, तो उसे विश्व की राज्य व्यवस्था से पूरी तरह मिट जाएगा।”

पाकिस्तानी नागरिकों को तत्काल उनके देश भेजने की मांग

शिमला में भाजपा नेताओं ने उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा और राज्य में कानूनी या अवैध तरीके से रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों की तत्काल पहचान कर उन्हें वापस उनके देश भेजने की मांग की। इसके अलावा लोअर बाजार क्षेत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तान विरोधी नारे लगाते हुए मार्च भी निकाला।

हिमाचल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल ने कहा कि राज्य में पाकिस्तानियों को नहीं रखा जा सकता। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 17 स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किए गए हैं। बिंदल ने कहा कि अगर राज्य सरकार पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान कर उन्हें वापस नहीं भेजती, तो भाजपा जल्द ही एक 'जागरण अभियान' चलाएगी।

अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पर किया करारा प्रहार, कही ये बात

रैली को संबोधित करते हुए ठाकुर ने यह भी आरोप लगाया कि जहां एक ओर केंद्र सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कूटनीतिक कदम उठाते हुए भारत में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजने की प्रक्रिया तेज कर दी है, वहीं दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार इस विषय पर गंभीर नहीं है।

उन्होंने कहा कि एक ओर कांग्रेस सरकार केंद्र के फैसलों का समर्थन करती है, वहीं दूसरी ओर इसके कुछ नेता "अनावश्यक बयानबाजी" कर रहे हैं। पार्टी की ओर से कुल्लू, ऊना, लाहौल-स्पीति और अन्य स्थानों पर भी प्रदर्शन आयोजित किए गए।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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