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बालाकोट एयरस्ट्राइक के दौरान अपने ही Mi-17 हेलीकॉप्टर पर मिसाइल दागने वाला ग्रुप कैप्टन बर्खास्त, चार साल बाद IAF ने लिया एक्शन

  • Authored by: शिवानी शर्माEdited by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 11, 2023, 01:30 PM IST

IAF dismissed Group Captain Suman Roy Chowdhary: हादसे से राज्य को 133.31 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मरने वालों में पायलट स्क्वाड्रन लीडर एस वशिष्ठ और स्क्वाड्रन लीडर निनंद एम, सार्जेंट वीके पांडे, सार्जेंट विक्रांत सहरावत, कॉर्पोरल पंकज कुमार, कॉर्पोरल डी पांडे और बडगाम जिले के रहने वाले नागरिक किफायत हुसैन गनी शामिल हैं।

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अपने ही Mi-17 हेलीकॉप्टर पर मिसाइल दागने वाला ग्रुप कैप्टन बर्खास्त

Photo : टाइम्स नाउ ब्यूरो

Balakot Airstrike: भारतीय वायुसेना ने बालाकोट एयर स्ट्राइक के दौरान श्रीनगर में अपने ही एक मी 17 हेलीकॉप्टर को निशाना बनाने के आरोप में श्रीनगर वायु सेना स्टेशन के तत्कालीन मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) ग्रुप कैप्टन सुमन रॉय चौधरी को बर्खास्त करने का आदेश दिया है। 27 फरवरी 2019 को श्रीनगर में हुए इस हमले में छह वायु सेना कर्मियों और एक नागरिक की मौत हो गई थी। ये मामला पंजाब और हरियाणा कोर्ट में भी चल रहा है, जबकि अब वायुसेना ने अपनी जांच खत्म कर वैधानिक सलाह के बाद ये बड़ा फैसला लिया है। वायुसेना प्रमुख के आदेश के बाद भारतीय वायुसेना इसे औपचारिक रूप से घोषित करेगी।

यह घटना 14 फरवरी, 2019 के पुलवामा आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के बालाकोट में भारतीय वायुसेना द्वारा किए गए हवाई हमले के एक दिन बाद हुई, जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे।

विंग कमांडर अभिनंदन ने मार गिराया था पाक का लड़ाकू जेट

उसी समय लगभग उसी दिन, विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान (अब ग्रुप कैप्टन) नियंत्रण रेखा के साथ नौशेरा पर पाकिस्तान वायु सेना (PAF) के विमान के साथ हवाई लड़ाई में लगे हुए थे। युद्ध के दौरान, उन्होंने एक PAF F-16 जेट को मार गिराया। उनके मिग -21 बाइसन विमान को भी मार गिराया गया था लेकिन वह इजेक्ट हो गए और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में उतर गए, दूसरे दिन वो भारत लौट आए थे।

ग्रुप कैप्टन ने की थी जनरल कोर्ट मार्शल रोकने की मांग

20 मार्च को, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने वायु सेना द्वारा जनरल कोर्ट मार्शल को ग्रुप कैप्टन चौधरी के खिलाफ निष्कर्ष निकालने की अनुमति दी थी। ग्रुप कैप्टन चौधरी के वकील ने इस पूरे मामले को कोर्ट में निपटारे तक भारतीय वायु सेना के जनरल कोर्ट मार्शल को रोकने की मांग की थी, लेकिन भारतीय वायुसेना ने वरिष्ठ लीगल टीम की सलाह पर जीसीएम को आगे बढ़ाया।

नौ में से पांच आरोपों में दोषी करार

विंग कमांडर श्याम नैथानी, जो घटना के समय वरिष्ठ वायु यातायात नियंत्रण अधिकारी थे, को चार आरोपों से बरी कर दिया गया है और उन्हें एक आरोप के लिए कड़ी फटकार मिली है। ग्रुप कैप्टन चौधरी को नौ में से पांच आरोपों में दोषी ठहराया गया है। उन्हें 14 जुलाई, 2017 को वायु सेना मुख्यालय द्वारा जारी सामान्य आदेश का पालन नहीं करने का दोषी ठहराया गया है, जिसके लिए 3200 एन अक्षांश के उत्तर में चलने वाले सभी विमानों को पहचान मित्र या दुश्मन (आईएफएफ) के साथ संचालित करने की आवश्यकता होती है।

IAF की जनकारी के बिना एमआई -17 को दी थी अनुमति

उन्होंने एमआई -17 को आईएफएफ की जानकारी के बिना श्रीनगर से हवाई यात्रा करने की अनुमति दी। उन्हें 27 फरवरी, 2019 को 2258 स्क्वाड्रन के मिशन कमांडर, कमांड और कंट्रोल यूनिट द्वारा श्रीनगर बेस से 23 किमी दूर, 27 फरवरी, 2019 को सुबह 10:10 बजे मिसाइल यूनिट को एक इनबाउंड फ्लाइंग ऑब्जेक्ट सौंपने का दोषी ठहराया गया है। परिणामस्वरूप, निर्दिष्ट उड़ान लक्ष्य, जो वास्तव में अपना ही कॉप्टर Mi-17 था, को एक स्पाइडर मिसाइल द्वारा सुबह 10:14 बजे मार गिराया गया। इस हादसे से राज्य को 133.31 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मरने वालों में पायलट स्क्वाड्रन लीडर एस वशिष्ठ और स्क्वाड्रन लीडर निनंद एम, सार्जेंट वीके पांडे, सार्जेंट विक्रांत सहरावत, कॉर्पोरल पंकज कुमार, कॉर्पोरल डी पांडे और बडगाम जिले के रहने वाले नागरिक किफायत हुसैन गनी शामिल हैं।
शिवानी शर्मा
शिवानी शर्माauthor

19 सालों के पत्रकारिता के अपने अनुभव में मैंने राजनीति, सामाजिक सरोकार और रक्षा से जुड़े पहलुओं पर काम किया है। सीमाओं पर देश के वीरों का शौर्य, आत्मनिर्भर होती भारत की सेनाओं का साहस और रक्षा मंत्रालय की हर हलचल के साथ ही रूस-यूक्रेन युद्ध को नज़दीक से देखा, समझा और रिपोर्ट किया है। विषमताओं को पार कर वास्तविक नियंत्रण रेखा पर 19,300 फीट पर दुनिया के सबसे ऊँचे पास पर पहुँचने वाली पहली पत्रकार होने का गौरव प्राप्त किया। Times Now नवभारत पर रक्षा क्षेत्र से जुड़ी ऐसी महत्वपूर्ण खबरें लाना मेरी कोशिश है जो आपको सिर्फ सच बताएं।

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