Asaduddin Owaisi: एआईएमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने दो तस्वीरों को पोस्ट करते हुए लिखा कि हम पर ही ज़ुल्म होगा हम ही ज़ालिम कहलाएंगे।हम को ही मारा जाएगा और हम पर ही मुक़दमे चलाए जाएंगे।भारत में हिन्दुत्व इंतिहा-पसंदी उरुज पर है, शर्पसंद हिंदुत्ववादियों के शर-पसंदी की कुछ चिंगारी पुलिस विभाग तक पहुंच चुकी है। उसका जीता जागता मिसाल आजकी 2 ख़बर की सुर्खियां हैं। पहली ख़बर:गुजरात के जूनागढ़ में दरगाह को तोड़ने का मुस्लिम युवकों ने विरोध किया तो जनता का रक्षक कहे जाने वाली पुलिस, मुस्लिम युवकों को उसी दरगाह के सामने अपने पट्टे से सबके सामने पीट रही है।बुलंदशहर में एक दिहाड़ी मज़दूर को एक दरख़्त से बांध कर पीटा गया और JSR के नारे लगाने पर मजबूर किया गया।बाद में पुलिस की हमदर्दी तो देखिए मुजरिमों के खिलाफ़ कार्रवाई करने के बजाय साहिल को ही जेल भेज दिया।अपने ऊपर हो रहे ज़ुल्म के खिलाफ़ फरयाद लेकर जाए तो कहां जाए?
सोशल मीडिया पर रिएक्शन
उन्होंने जब इस तरह की तस्वीर पोस्ट की तो सोशल मीडिया पर रिएक्शन भी आया। दंगा फसाद करो,गाड़ियों में आग लगाओ,पुलिस वालों के सर पत्थर से फोड़ दो,थाने में आग लगाने से भी गुरेज ना करो,सारे शहर को दंगे की आग में झोंक दो,और जब पकड़े जाओ तो अरे हम तो मजलूम है हमारे साथ नाइंसाफी हो रही है, दंगाइयों को वह सबक सिखाओ की आने वाली सात पीढ़ियां दंगे के नाम से काँपे!मंदिर और मजार दोनों हटाने का नोटिस दिया गया लेकिन stone pelting सिर्फ मुस्लिम ने किया है, जिसमे नुकसान भी हुआ है। Stone pelting करते समय भी कायदे कानून सोचना चाहिए।
क्या कहते हैं जानकार
जानकारों का कहना है कि असदुद्दीन ओवैसी किसी ना किसी तरह से चर्चा में बने रहते हैं। जब आप किसी खास वर्ग की राजनीति करते हैं और आपका दायरा सीमित हो तो इस तरह के मामलों को उठाना पड़ता है। अगर आप ओवैसी की बातों को सुनें तो वो कहते हैं मुख्य धारा के राजनीतिक दलों ने सिर्फ और सिर्फ मुसलमानों को वोट के नजरिए से देखा है, सिर्फ इस्तेमाल किया है। लेकिन वो मुस्लिम समाज के विकास की बात, शोषण के खिलाफ बात करते हैं।
