पीएम नरेंद्र मोदी ने एक मार्च को 'शहरी नियोजन, विकास और स्वच्छता' पर बजट के बाद वेबिनार को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में जिस तरह भारत तेज गति से विकास कर रहा है आने वाले समय में अनेकों नए शहर बनने वाले हैं। ऐसे में भारत में अर्बन डेवलपमेंट के प्रमुख पक्ष हैं- नए शहरों का विकास और पुराने शहरों में पुरानी व्यवस्थाओं का आधुनिकीकरण।
अर्बन प्लानिंग ही हमारे शहरों का भाग्य करेगी निर्धारित
पीएम मोदी कहा कि ये दुर्भाग्य रहा कि आजादी के बाद हमारे देश में एक्का-दुक्का ही प्लांड सिटी बने। आजादी के 75 वर्षों में देश में 75 नए और बड़े प्लांड सिटी बने होते तो आज भारत की तस्वीर कुछ और ही होती। अमृतकाल में अर्बन प्लानिंग ही हमारे शहरों का भाग्य निर्धारित करेगी और भारत के वेल प्लांड शहर ही भारत के भाग्य को निर्धारित करेंगे। जब प्लानिंग बेहतर होगी तभी हमारे शहर क्लाइमेट रिजिलेंट और वाटर सेक्योर बनेंगे।
2014 तक सिर्फ 14-15% कचरे होती थी प्रोसेसिंग
पीएम ने कहा कि अगर ये पहले हो गया होता तो हमारे शहरों के किनारे कूड़े के पहाड़ों से ना भरे होते। आज भारत सर्कुलर इकोनॉमी को शहरी विकास का बड़ा आधार बना रहा है। हमारे देश में हर दिन हजारों टन म्यूनिसिपल कचरा पैदा होता है। 2014 में देश में सिर्फ 14-15% कचरा प्रोसेसिंग होती थी, आज 75% कचड़ा प्रोसेस हो रहा है।
अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर, प्लानिंग में बढ़ाना हो निवेश
हमारे नए शहर कचरा मुक्त होने चाहिए, वाटर सेक्योर होने चाहिए और क्लाइमेट रिजिलेंट होने चाहिए। इसके लिए हमें टियर 2 और टियर 3 शहरों में अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर और प्लानिंग में निवेश बढ़ाना होगा।
