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Gyanvapi Case: ज्ञानवापी के व्यास जी तहखाने में जारी रहेगी पूजा या लगेगी रोक? सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई

Gyanvapi Case: ज्ञानवापी मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है। ये सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर होगी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद के व्यास जी तहखाने में पूजा जारी रखने का आदेश दिया था।

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Gyanvapi Case पर आज सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई

Gyanvapi Case: वाराणसी के ज्ञानवापी व्यास जी तहखाना मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। मुस्लिम पक्ष ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के ज्ञानवापी के भीतर पूजा जारी रखने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इस मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। जानकारी के अनुसार, अंजुमन इंतजामिया मस्जिद समिति ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें स्वामित्व की मांग वाली पांचों याचिकाएं खारिज कर दी गई थीं। साथ ही व्यास जी के तहखाने में पूजा रोकने की भी मांग की गई थी। मुस्लिम पक्ष का कहना है कि पूजा स्थल अधिनियम-1991 में इलाहाबाद हाई कोर्ट का हस्तक्षेप ठीक नहीं है। मस्जिद समिति ने दलील दी है कि व्यास जी का तहखाना मस्जिद परिसर का हिस्सा होने के नाते उनके कब्जे में था और व्यास परिवार या किसी दूसरे को तहखाना के भीतर पूजा करने का अधिकार नहीं है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान हिंदू पक्ष भी मौजूद रहेगा और अपना पक्ष रखेगा।

बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 15 फरवरी को दोनों पक्षों की लंबी बहस के बाद अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था। हिंदू पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट सीएस वैद्यनाथन व विष्णु शंकर जैन ने बहस की थी, जबकि मुस्लिम पक्ष की ओर से सीनियर एडवोकेट सैयद फरमान अहमद नकवी व यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अधिवक्ता पुनीत गुप्ता ने अपना पक्ष रखा था। काशी विश्वनाथ ट्रस्ट की ओर से अधिवक्ता विनीत संकल्प ने दलीलें पेश की थी। मुस्लिम पक्ष अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने व्यास जी तहखाने में पूजा अर्चना की इजाजत दिए जाने के जिला जज वाराणसी के फैसले को चुनौती दी थी।

जानकारी के लिए बता दें कि जिला जज ने 31 जनवरी को तहखाना में पूजा शुरू कराए जाने का आदेश दिया था। जिला जज के आदेश पर उसी दिन देर रात तहखाने को खोलकर पूजा अर्चना शुरू करा दी गई थी। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने जिला जज के आदेश पर रोक नहीं लगाई थी। जिसके चलते जिला कोर्ट के आदेश के तहत व्यास जी तहखाने में पूजा अर्चना हो रही है। हाईकोर्ट के फैसले में यह तय हुआ था कि व्यास जी के तहखाने में पूजा अर्चना जारी रहेगी उस पर रोक नहीं लगेगी।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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