देश

नए पंबन ब्रिज पर पहली बार गुजरी मालगाड़ी, सफल रहा ट्रायल रन; हाइटेक इंजीनियरिंग का नमूना

भारत के पहले वर्टिकल लिफ्ट नए पंबन ब्रिज पर पहली बार आज मालगाड़ी ट्रेन गुजरी। यह एक ट्रायल रन था, जो सफल रहा।

Image

पबन ब्रिज हाइटेक इंजीनियरिंग का नमूना है

तमिलनाडु में पाम्बन द्वीप को मुख्यभूमि में मंडपम से जोड़ने वाला पंबन ब्रिज पर आज पहली बार मालगाड़ी ट्रेन का ट्रायल रन किया गया। बुधवार को रेलवे ने 2 लोको और 11 लोडेड वैगनों के साथ नए पंबन रेलवे समुद्री पुल पर लोड डिफ्लेक्शन परीक्षण रामनाथपुरम में किया।

ब्रिज पर लोड डिफ्लेक्शन परीक्षण

गोल्डन रॉक शेड से ट्विन जीओसी डब्ल्यूडीजी 4डी का उपयोग करके आज न्यू पंबन ब्रिज पर लोड डिफ्लेक्शन परीक्षण किया गया। आरवीएनएल द्वारा स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग रिसर्च सेंटर, चेन्नई के सहयोग से ट्रायल रन सफलतापूर्वक आयोजित किया गया था।

इजीनियरिंग चमत्कार

बता दें कि पंबन ब्रिज एक इंजीनियरिंग चमत्कार बन रहा है। पंबन ब्रिज के चालू हो जाने से मंडपम से रामेश्वरम के बीच की दूरी घटकर महज 20 मिनट रह जाएगी। पबन ब्रिज हाइटेक इंजीनियरिंग का नमूना है। इस पुल में 18.3 मीटर के 100 स्पैन हैं। यह नया पुल पुराने से 3 मीटर ऊंचा है।

भारत का सबसे लम्बा पुल

इस पुल को इस हिसाब से बनाया गया है कि नीचे से बड़े पोत भी निकल सकें। 2.2 कि.मी. लम्बाई वाला पुल, जो रामेश्वरम द्वीप और मुख्य भूमि को जोड़ता है। किसी खाड़ी पर बना हुआ भारत का सबसे लम्बा पुल है

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

और पढ़ें
End of Article