Goa Nightclub fire case: गोवा अग्निकांड के बाद फरार नाइटक्लब के मालिकों सौरभ और गौरव लूथरा के खिलाफ जांच एजेंसियों ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सूत्रों का कहना है कि गोवा पुलिस ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के इंटरपोल डिवीजन से संपर्क किया है। इस अनुरोध के बाद सीबीआई जल्द ही इंटरपोल से लूथरा ब्रदर्स के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी करने के लिए कह सकती है। बता दें कि गोवा के नाइटक्लब 'बर्च बॉय रोमियो लेन' में छह दिसंबर की रात करीब 12 बजे आग लग गई। आग की इस घटना में 25 लोगों की मौत हुई। इसके बाद सात दिसंबर की सुबह साढ़े पांच बजे के करीब दोनों भाई देश छोड़कर फरार हो गए।
इंडिगो के विमान से फरार हुए दोनों भाई
हैरान करने वाली बात है कि दोनों भाई उस एयरलाइन इंडिगो से फरार हुए जिसकी हर रोज उड़ानें रद्द हो रही हैं। बताया जाता है कि ये दोनों भाई थाईलैंड के शहर फुकेट गए हैं। मामले की जांच करते हुए गोवा पुलिस बीते दिन दिल्ली पहुंची। वह लूथरा ब्रदर्स के आवास पर भी गई लेकिन वहां कोई नहीं मिला। गोवा पुलिस लूथरा ब्रदर्स से जुड़े दिल्ली-एनसीआर के नाइट क्लबों की भी जांच कर रही है।
भूखंड के मूल मालिक ने क्या कहा
भूखंड के मूल मालिक प्रदीप घाड़ी अमोणकर ने मंगलवार को दावा किया कि वह पिछले 20 साल से इस नाइटक्लब की अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। अमोणकर ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उन्होंने 1994 में यह जमीन खरीदी थी और 2004 में सुरिंदर कुमार खोसला के साथ बिक्री समझौता किया था, जो भुगतान न करने के कारण रद्द हो गया। इसके बावजूद खोसला ने जमीन पर नाइटक्लब शुरू कर दिया, जिसे बाद में ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ के मालिक सौरभ और गौरव लूथरा ने ले लिया।
आरपोरा-नागोआ पंचायत में शिकायत दर्ज कराई
अमोणकर ने सुनील दिवकर के साथ मिलकर क्लब की अवैध गतिविधियों के संबंध में स्थानीय आरपोरा-नागोआ पंचायत में शिकायत दर्ज कराई थी। पंचायत ने 2024 में खोसला को निर्माण ध्वस्त करने का नोटिस भी जारी किया, लेकिन खोसला ने पंचायत निदेशालय से उस आदेश पर स्थगन प्राप्त कर लिया। अमोणकर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके खोसला को इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी बताया। उन्होंने कहा, ‘मैं पिछले 20 साल से खोसला के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा हूं, जो मेरी इस जमीन में हर तरह की अवैध गतिविधियों में लिप्त रहा है।’
मृतकों में नाइटक्लब के 20 कर्मचारी और पांच पर्यटक
पणजी से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित नाइट क्लब में शनिवार देर रात भीषण आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में नाइटक्लब के 20 कर्मचारी और पांच पर्यटक शामिल थे जिनमें से चार दिल्ली के थे। इस बीच, राज्य के अधिकारियों ने अवैध गतिविधि जारी रखने की अनुमति देने के लिए स्थानीय पंचायत को जिम्मेदार ठहराया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोमवार को बताया कि सरपंच ने नाइटक्लब को बिजली कनेक्शन, पानी कनेक्शन, इमारत की मरम्मत और व्यापार लाइसेंस समेत कई अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) दिए थे।
मार्च 2024 में ही समाप्त हो चुका था नाइटक्लब का लाइसेंस
इसने कहा कि सबसे गंभीर बात यह है कि नाइटक्लब का व्यापार लाइसेंस मार्च 2024 में ही समाप्त हो चुका था, फिर भी इसका संचालन जारी रहा। गोवा पंचायत राज अधिनियम की धारा 72-ए के तहत स्थानीय निकाय (पंचायत) को ऐसी अवैध रूप से संचालित परिसंपत्तियों को सील करने का अधिकार प्राप्त है, लेकिन वे ऐसा करने में विफल रहे।
